हिमाचल के मंडी में फिर फटा बादल, भूस्खलन से तीन की जान गई

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक बार फिर कुदरत का कहर टूटा है। रविवार रात अचानक बादल फटने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। तेज़ बारिश के चलते हुए भूस्खलन ने कहर बरपा दिया, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई और एक महिला अब भी लापता है। भारी मलबा सड़कों और घरों को अपनी चपेट में ले गया, जिससे जनजीवन थम सा गया है।

जानलेवा मलबे में दबे लोग, राहत कार्य जारी

मंडी के डिप्टी कमिश्नर अपूर्व देवगन ने बताया कि जेल रोड के पास स्थित एक मोहल्ले में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। एक महिला की तलाश में रेस्क्यू टीम जुटी हुई है। मलबा इतना गहरा है कि कई वाहन उसमें दब गए हैं और कई मकान आंशिक या पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

प्रशासन मुस्तैद, बनाए गए राहत शिविर

डीसी देवगन के अनुसार, जिला प्रशासन ने त्वरित राहत के लिए शिविर स्थापित कर दिए हैं। बिजली विभाग, जल शक्ति और पीडब्ल्यूडी की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और मरम्मत के कार्यों में लगी हुई हैं। भूस्खलन के चलते यातायात पूरी तरह से बाधित है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।

रात भर बरसी आफत की बारिश, विपक्ष ने जताई चिंता

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी मंडी की स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, बीती रात करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच हुई बारिश से मंडी शहर को भारी नुकसान पहुंचा है। अब तक तीन शव मिल चुके हैं और एक व्यक्ति का पता नहीं चल पाया है। एनडीआरएफ की टीमें मौके पर राहत कार्य में जुटी हैं। मैं प्रशासन और राज्य सरकार से आग्रह करता हूं कि वे त्वरित कार्रवाई करें और लोगों की मदद सुनिश्चित करें।

भारी क्षति वाले इलाके और बंद सड़कें

मंडी में सबसे अधिक तबाही जेल रोड, जोनल अस्पताल मार्ग और सैंण क्षेत्र में देखी गई। भूस्खलन के कारण कीरतपुर-मनाली फोरलेन और पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे को बंद कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र का बाहरी संपर्क लगभग टूट गया है।

भयावह दृश्य, बचने को भागे लोग

घटना के वक्त बहुत से लोग घटनास्थल के पास मौजूद थे। जब उन्होंने पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा गिरते देखा तो जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ पड़े। कुछ लोग दुकानों में छिप गए तो कुछ ने पास के घरों में शरण ली। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह अनुभव बेहद डरावना था — कुछ ही क्षणों में पूरा इलाका मलबे से पट गया और चारों ओर हाहाकार मच गया।