पहाड़ों पर बर्फीला कहर: हिमाचल में 535 सड़कें ठप, मनाली-शिमला में ट्रैफिक जाम; श्रीनगर एयरपोर्ट से उड़ानें रद्द

जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ी इलाकों में मौसम ने जबरदस्त रौद्र रूप दिखाया है। लगातार हो रही भारी बर्फबारी से पहाड़ों की चोटियां पूरी तरह सफेद चादर में ढक गई हैं। जहां एक ओर सैलानी इस नज़ारे का आनंद ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। कई इलाकों में दो से तीन फुट तक बर्फ जम जाने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और जरूरी सेवाएं बाधित हो गई हैं।

जम्मू-कश्मीर के मैदानी क्षेत्रों में करीब एक फुट तक बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की मोटी परत जम गई है। भारी हिमपात के साथ-साथ भूस्खलन, पेड़ों के गिरने और फिसलन की वजह से राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर आंतरिक सड़कों तक आवाजाही ठप हो गई है। कई क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जिससे ठंड और भी जानलेवा होती जा रही है।

जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद, यातायात पर ब्रेक

भारी बारिश और बर्फबारी के चलते शुक्रवार को जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) को एहतियातन बंद कर दिया गया। उधमपुर के जखानी चौक पर भी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई, जिससे लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

बर्फबारी का असर हवाई सेवाओं पर भी

बारामूला, बडगाम और रामबन जिले के पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ पर्यटन स्थल बटोटे में भी भारी बर्फबारी हुई है। चारों ओर बर्फ की चादर बिछ जाने से पूरा इलाका किसी विंटर डेस्टिनेशन जैसा नजर आने लगा है। हालांकि, मौसम की मार का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है।

खराब मौसम की वजह से श्रीनगर एयरपोर्ट से उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है। इंडिगो एयरलाइंस समेत कई एयरलाइंस ने अपनी कुछ फ्लाइट्स को अस्थायी रूप से सस्पेंड और कैंसिल करने की घोषणा की है। श्रीनगर एयरपोर्ट प्रशासन ने सोशल मीडिया के जरिए यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

एडवाइजरी में कहा गया है, “दिल्ली एयरपोर्ट पर NOTAM लागू होने और श्रीनगर में प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण आज श्रीनगर एयरपोर्ट से आने-जाने वाली कुछ उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। यात्रियों से अनुरोध है कि एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइंस से उड़ान की ताज़ा स्थिति की जानकारी अवश्य लें।”

हिमाचल में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े

हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला है। नैनीताल, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल के ऊंचाई वाले इलाकों में कई जगह वाहन और यात्री रास्ते में ही फंस गए। मनाली और शिमला की ओर जाने वाले मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे पर्यटक और स्थानीय लोग घंटों तक परेशान होते रहे।

लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुताबिक, हिमाचल में भारी बर्फबारी के कारण चार नेशनल हाईवे समेत कुल 535 सड़कें बंद हो गई हैं। सड़कों को खोलने के लिए बड़े पैमाने पर बर्फ हटाने का काम लगातार जारी है।

करोड़ों का नुकसान, राहत-बचाव कार्य तेज

विभाग की ओर से बताया गया है कि बर्फबारी के चलते अब तक करीब छह करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। DCR नैनीताल और जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

रामगढ़–मुक्तेश्वर और धनाचूली बैंड क्षेत्र में फंसे वाहनों और यात्रियों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया जा रहा है। SDRF की टीमों ने JCB मशीनों की मदद से सड़कों से बर्फ हटाई और करीब 20 से 25 वाहनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और ठंड बढ़ने की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है।