धर्मशाला में पैराग्लाइडर क्रैश का दर्दनाक मंजर, 25 साल के सतीश की मौके पर मौत; 6 महीने में दूसरा हादसा

हिमाचल प्रदेश के सुंदर लेकिन पहाड़ी और चुनौतीपूर्ण इलाके धर्मशाला में सोमवार शाम एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। जहां एक युवा पर्यटक की ज़िंदगी कुछ ही पलों में खत्म हो गई। पैराग्लाइडिंग का सपना लिए गुजरात के अहमदाबाद से आया 25 वर्षीय सतीश राजेश भाई, अपनी आखिरी उड़ान पर था — मगर यह उड़ान कभी ठीक से भर ही नहीं सकी।

धर्मशाला के बाहरी हिस्से इंद्रुनाग में यह हादसा उस समय हुआ जब पैराग्लाइडर टेकऑफ करते ही असंतुलित हो गया और थोड़ी ही दूरी पर सतीश और पायलट सूरज के साथ जमीन पर जा गिरा। हादसे का यह दिल दहला देने वाला वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर कोई भी विचलित हो सकता है।

कांगड़ा के एएसपी हितेश लखनपाल के मुताबिक टेकऑफ के दौरान पैराग्लाइडर हवा में स्थिर नहीं हो सका और गिर पड़ा। इस हादसे में सतीश को सिर, चेहरे और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। पहले उन्हें धर्मशाला के जोनल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। लेकिन दुर्भाग्यवश, वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं पायलट सूरज का इलाज कांगड़ा के बालाजी अस्पताल में जारी है।

घटना की जानकारी मिलते ही सतीश के परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। पुलिस ने तुरंत परिजनों को सूचना दी और पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

छह महीने में दूसरा हादसा, सिस्टम पर उठते सवाल

चौंकाने वाली बात यह है कि इंद्रुनाग में यह छह महीनों के भीतर दूसरी दर्दनाक घटना है। इससे पहले जनवरी में 19 वर्षीय खुशी भवसार की भी इसी तरह टेकऑफ के दौरान जान चली गई थी — और वह भी अहमदाबाद की ही रहने वाली थी। यह दोहराव न सिर्फ इत्तेफाक है, बल्कि सिस्टम और सुरक्षा उपायों पर बड़ा सवाल भी खड़ा करता है।

एएसपी हितेश लखनपाल ने बताया कि जांच की जा रही है कि क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। क्या पर्यटकों की जान जोखिम में डाल दी गई? इस बीच कांगड़ा के डिप्टी कमिश्नर हेमराज बैरवा ने बड़ा कदम उठाते हुए 15 सितंबर तक पूरे जिले में पैराग्लाइडिंग पर रोक लगा दी है।