फरीदाबाद से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज डेढ़ साल की एक मासूम बच्ची की मौत के मामले ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया है। नाले में मिले मासूम के शव के मामले में पुलिस जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि बच्ची को किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी मां ने ही कथित तौर पर जिंदा नाले में फेंक दिया था। पानी में डूबने के कारण मासूम की मौत हो गई।
CCTV फुटेज से खुला राजndtv की खबर के अनुसार, इस मामले में घटना से पहले का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें महिला अपनी 18 महीने की बच्ची को गोद में लेकर जाती हुई नजर आ रही है। हालांकि, जब वह वापस लौटती है तो बच्ची उसकी गोद में नहीं होती। इसी फुटेज को अहम सुराग मानते हुए क्राइम ब्रांच ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद मामले की परतें खुलने लगीं।
यह पूरी घटना तीन दिन पुरानी बताई जा रही है, जब पल्ला थाना क्षेत्र के धीरज नगर और टीटू कॉलोनी पार्ट-2 के बीच बहने वाले नाले में एक मासूम का शव मिला था। स्थानीय लोग इस नाले को ‘बुढ़िया नाला’ के नाम से भी जानते हैं। शव लोहे के जाल में फंसा हुआ पाया गया था। सबसे पहले दो स्कूली बच्चों ने इसे देखा और तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
जिंदा हालत में नाले में फेंकने का आरोपपुलिस जांच में सामने आया है कि बच्ची को नाले में फेंकने से पहले वह जिंदा थी। आशंका जताई जा रही है कि गिरने के बाद पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। जांच में यह भी सामने आया है कि मृत बच्ची अपने परिवार की छठी संतान थी और उससे पहले परिवार में पांच बेटियां हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में आर्थिक तंगी और गरीबी को इस दर्दनाक कदम की वजह बताया जा रहा है। बच्ची के माता-पिता धीरज नगर की झुग्गी में रहते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है।
पुलिस जांच जारी, इलाके में सनसनीफिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आधिकारिक बयान जारी किए जाने की संभावना है। इस घटना ने एक बार फिर समाज और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में एक मां को ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।