गुजरात के खेड़ा में दर्दनाक हादसा, स्कूल जा रहे 11 वर्षीय छात्र पर गिरा बिजली का खंभा; मौके पर मौत, 6 बहनों का इकलौता भाई था मासूम

खेड़ा: गुजरात के खेड़ा जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। स्कूल जाने के लिए घर से निकले 11 वर्षीय छात्र की रास्ते में बिजली का खंभा गिरने से मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया, जबकि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मासूम अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी छह बहनें हैं।

स्कूल जाते समय हुआ दर्दनाक हादसा

indiatv के अनुसार, खेड़ा जिले की महेमदावाद तहसील के आमसरण गांव निवासी 11 वर्षीय क्रिष्न अजय कुमार यादव गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में कक्षा छह का छात्र था। रोज की तरह वह सुबह करीब 10 बजे स्कूल के लिए घर से निकला था। परिवार को उम्मीद थी कि वह कुछ ही देर में स्कूल पहुंच जाएगा, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

उसी समय गांव में बिजली की हाई-टेंशन लाइन के पास स्थित एक बड़े हरे पेड़ की शाखाओं की कटाई का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पेड़ की एक भारी टहनी अचानक कटकर सीधे बिजली की तारों पर जा गिरी।

टहनी के दबाव से उखड़ गया बिजली का पोल


बताया जा रहा है कि टहनी का वजन इतना अधिक था कि हाई-टेंशन लाइन पर तेज दबाव पड़ा और सीमेंट का बिजली का खंभा अपनी जगह से उखड़कर सीधे सड़क पर गिर गया। दुर्भाग्यवश उसी समय वहां से गुजर रहा मासूम क्रिष्न उसकी चपेट में आ गया।

बिजली का भारी पोल सीधे बच्चे के ऊपर गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोग तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़े, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

हादसे की जानकारी मिलते ही महेमदावाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए महेमदावाद के सरकारी अस्पताल भेज दिया। इसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई।

प्रारंभिक जांच में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पेड़ की कटाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस कार्य के लिए जिम्मेदार लोगों की ओर से कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई।

छह बहनों का इकलौता भाई था क्रिष्न

इस हादसे की सबसे भावुक करने वाली बात यह है कि क्रिष्न यादव अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार में उसकी छह बहनें हैं और लंबे इंतजार व मन्नतों के बाद बेटे का जन्म हुआ था। लेकिन एक पल की कथित लापरवाही ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं।

मासूम की मौत के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि बहनों का भी दुख देखकर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं। पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग इस हादसे को टाला जा सकने वाला बता रहे हैं।

लापरवाही पर उठ रहे गंभीर सवाल


घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि पेड़ की कटाई से पहले सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते, रास्ते को अस्थायी रूप से बंद किया गया होता या बिजली आपूर्ति रोककर काम किया जाता, तो शायद यह हादसा नहीं होता।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दुर्घटना के लिए जिम्मेदार कौन है। वहीं ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही के कारण किसी और परिवार को अपना मासूम न खोना पड़े।