आखिर विमान में कहां होते हैं फ्यूल स्विच और कौन कर सकता है उन्हें ऑन-ऑफ!, जानें एयर इंडिया क्रैश रिपोर्ट में क्या आया सामने

अहमदाबाद में हुए दर्दनाक प्लेन क्रैश की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आ चुकी है और यह जानकर किसी का भी दिल दहल सकता है कि एआई-171 विमान के दोनों इंजन में फ्यूल पहुंचाने वाले स्विच अचानक बंद हो गए थे। ऐसे में जब आसमान में सब कुछ ठीक लग रहा था, तभी कुछ सेकंड में ही सब बदल गया। पायलटों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई और देखते ही देखते विमान हादसे का शिकार हो गया। अब सवाल उठता है कि आखिर ये फ्यूल स्विच होते कहां हैं, और कैसे काम करते हैं?

इस तरह होता है इनका इस्तेमाल — तकनीक के पीछे की संवेदनशीलता

विमान में लगे ये फ्यूल स्विच बेहद अहम होते हैं, क्योंकि ये सीधे इंजन में फ्यूल की सप्लाई से जुड़े होते हैं। पायलट इन स्विच का इस्तेमाल ग्राउंड पर विमान को चालू या बंद करने के लिए करते हैं और उड़ान के दौरान अगर किसी वजह से एक इंजन बंद हो जाए, तो दूसरे इंजन को एक्टिव करने में भी यही मदद करते हैं। लेकिन यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इन्हें गलती से ऑन या ऑफ नहीं किया जा सकता — यानी इनकी बनावट सुरक्षा को ध्यान में रखकर की जाती है।

इतना ही नहीं, इन स्विच को पावर देने के लिए अलग से सप्लाई होती है, ताकि इन्हें बिना मर्जी के बंद न किया जा सके। लेकिन अगर ये बंद हो जाएं, तो इंजन तुरंत ही बंद हो सकता है — और यही शायद हादसे में हुआ भी।

कहां होते हैं ये स्विच – तकनीक में छिपा नाज़ुक संतुलन

बोइंग 787 जैसे आधुनिक विमान में ये फ्यूल कंट्रोल स्विच थ्रस्ट लीवर के ठीक नीचे लगाए जाते हैं। ये स्प्रिंग से लैस होते हैं ताकि इनकी पोजीशन स्थिर बनी रहे। इनका ऑपरेशन दो मोड में होता है — कटऑफ और रन। जब विमान स्टार्ट किया जाता है तो इन्हें रन पर लाया जाता है और बंद करने पर कटऑफ में। उड़ान के दौरान गलती से भी इन्हें कटऑफ करना घातक हो सकता है।

हादसे में क्या हुआ – मिनटों में बदला सब कुछ

इस हादसे से जुड़े फ्लाइट रिकॉर्डर ने जो जानकारी दी, उसने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान के दौरान अचानक दोनों इंजन के फ्यूल स्विच रन से कटऑफ में कर दिए गए। इस वजह से इंजन में फ्यूल की सप्लाई बंद हो गई और पावर खत्म होने लगी।

कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट दूसरे से पूछता सुनाई देता है—तुमने फ्यूल क्यों बंद किया? जवाब में दूसरा पायलट कहता है—मैंने ऐसा नहीं किया। यह संवाद सुनकर कोई भी सिहर उठेगा। यह स्थिति बताती है कि सब कुछ कितनी तेजी से बिगड़ा और पायलट्स खुद भी समझ नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या।