नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन दलों द्वारा आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से जुड़े सेवानिवृत्त जज बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाने की रणनीति सफल होती नहीं दिख रही। एनडीए के पक्ष में लगातार समर्थन बढ़ता जा रहा है और विपक्षी खेमे को एक के बाद एक झटके मिल रहे हैं।
वाईएसआर कांग्रेस और टीडीपी का एनडीए को समर्थनआंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस, जिसके पास लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर 11 सांसद हैं, ने एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। राज्य की सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और जन सेना पार्टी पहले ही एनडीए के पक्ष में मतदान करने का फैसला कर चुकी हैं।
तेलंगाना से भी नहीं मिला इंडिया गठबंधन को साथतेलंगाना में विपक्षी दल बीआरएस, पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की पार्टी, ने भी कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को समर्थन देने से दूरी बनाई है। इससे एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में बढ़त और पक्की हो गई है।
बीजू जनता दल पर सबकी निगाहेंअब नज़रें ओडिशा की सत्ताधारी बीजू जनता दल (बीजेडी) पर टिकी हैं, जिसके पास राज्यसभा में 7 सांसद हैं। हालांकि बीजेडी ने अभी तक आधिकारिक रूप से अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्योते पर दिल्ली पहुंचे। मोदी ने हाल ही में पटनायक से स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और उन्हें दिल्ली आने का आमंत्रण दिया था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बीजेडी भी एनडीए के पक्ष में जा सकती है।
शपथग्रहण समारोह बनेगा बड़ा संदेशसूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व उपराष्ट्रपति शपथग्रहण समारोह को बड़े राजनीतिक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह चाहते हैं कि इस समारोह में एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रमुख नेता शामिल हों, ताकि विपक्ष को एक मजबूत संदेश दिया जा सके।
नए राज्यपालों की नियुक्ति की सुगबुगाहटराजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि केंद्र सरकार इस महीने पांच से छह नए राज्यपालों की नियुक्ति कर सकती है। बताया जा रहा है कि भाजपा हाईकमान ने इसके लिए कुछ नामों पर सहमति भी बना ली है।