राहुल गांधी के बयान पर BJP का पलटवार, जेपी नड्डा बोले- ऐसा विपक्षी नेता देखना लोकतंत्र का दुर्भाग्य

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से भाजपा और आरएसएस को लेकर की गई टिप्पणियों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर तीखा हमला बोला है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के लोकतंत्र के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा विपक्ष का नेता देखने को मिल रहा है। भाजपा के अन्य नेताओं ने भी राहुल गांधी की भाषा और उनके बयान को लेकर सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने गुरुवार को लोकसभा में सरकार की नीतियों और भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधते हुए कई टिप्पणियां की थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर भी कटाक्ष किया। इसके बाद भाजपा नेताओं की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “ऐसा विपक्ष का नेता देखना ही बाकी रह गया था, ये देश के लोकतंत्र का दुर्भाग्य है।” नड्डा ने कांग्रेस पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी के लिए यह दुख का विषय होगा कि उसे राहुल गांधी को अपना नेता मानना पड़ रहा है।

नड्डा की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी के लोकसभा में दिए गए उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने भाजपा और आरएसएस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'जोकर' और 'मसखरा' कहा था।

प्रह्लाद जोशी ने पूछा- कब परिपक्व होंगे?

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि वे कब परिपक्व होंगे। जोशी के मुताबिक, भारत जैसे देश को चलाने के लिए परिपक्व नेतृत्व की जरूरत है, न कि अपरिपक्व राजनीतिक प्रदर्शन की।

उन्होंने राहुल गांधी की ओर से लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को 'जोकर और मसखरा' कहे जाने पर आपत्ति जताई। जोशी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का अपमान करके राहुल गांधी ने देश की जनता का भी अपमान किया है।

बांसुरी स्वराज ने संवैधानिक पद का हवाला दिया

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने भी राहुल गांधी की भाषा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

इस तरह राहुल गांधी के बयान को लेकर भाजपा नेताओं ने अलग-अलग स्तर पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके शब्दों और राजनीतिक शैली पर निशाना साधा।
राहुल गांधी ने भाजपा-आरएसएस पर क्या कहा था?

गुरुवार को लोकसभा में राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में कई लोग उनके सामने डरकर व्यवहार करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक मुकाबला ऐसे लोगों से है, जिन्हें उनके मुताबिक देश के दर्शन और इतिहास की पर्याप्त समझ नहीं है।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में भाजपा और आरएसएस के लिए 'जोकर' और 'मसखरों' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुकाबला ब्रिटिश साम्राज्य से होता और डरने की बात कही जाती तो वह इसे समझ सकते थे, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को उन्होंने अलग बताया।

छात्रों के आंदोलन का भी किया जिक्र

अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने हाल में छात्रों की ओर से किए गए आंदोलन का उल्लेख भी किया। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर छात्रों को चुप रहने के लिए कहा गया और उनकी अभिव्यक्ति को दबाने की कोशिश की गई।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस एक तरह की 'व्यवस्था थोपना' चाहते हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस का काम लोगों को अपनी बात रखने की आजादी देना और ऐसी व्यवस्था का विरोध करना है।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर आरएसएस की अभिव्यक्ति को खत्म करने की बात होगी तो वह उसकी अभिव्यक्ति की रक्षा करेंगे। राहुल गांधी ने इस संदर्भ में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता दिए जाने की बात कही।

विदेश नीति पर भी राहुल गांधी का तंज

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को प्रतीकात्मक रूप से गले लगाया। इसके जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री की विदेश नीति को लेकर कटाक्ष किया और कहा कि प्रधानमंत्री के मन में न जाने कहां से यह विचार आया कि 'गले मिलना ही विदेश नीति है'।

इस दौरान संदीप दीक्षित ने मजाकिया अंदाज में राहुल गांधी से पूछा कि कहीं उन्होंने उन्हें जॉर्जिया मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ लिया। राहुल गांधी के इस अंदाज पर भी राजनीतिक चर्चा हुई और इसके बाद भाजपा नेताओं ने उनके पूरे संबोधन को लेकर निशाना साधा।