संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। बीते कई दिनों से लोकसभा और राज्यसभा में लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। इसी बीच संसद में बने गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में केंद्र सरकार ने पहल शुरू कर दी है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद परिसर में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। विपक्ष के नेता के कार्यालय में हुई इस बैठक में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं। माना जा रहा है कि बातचीत का उद्देश्य संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने का रास्ता निकालना है।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन, महात्मा गांधी की प्रतिमा से निकाला मार्चबुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद विभिन्न मुद्दों पर विरोध जताते हुए पोस्टर लेकर सदन में पहुंचे। लगातार शोर-शराबे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद विपक्षी दलों ने संसद परिसर में संयुक्त मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
यह मार्च संसद परिसर स्थित 'प्रेरणा स्थल' में महात्मा गांधी की प्रतिमा से शुरू होकर संसद भवन के मकर द्वार तक निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और विभिन्न मुद्दों पर जवाब मांगा। कई सांसदों के हाथों में बड़ा बैनर भी था, जिस पर लिखा था, 'अमित शाह, जवाब दो'। विपक्ष ने राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी और छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
प्रियंका गांधी बोलीं- लोकतंत्र में सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही जरूरीमार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव समेत कई विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता में बैठी सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है। यदि किसी प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन, आंसू गैस या लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, यह लोकतंत्र है, कोई तानाशाही व्यवस्था या राजदरबार नहीं। जनता से जुड़े सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है और सत्ता पक्ष इससे बच नहीं सकता।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से जवाब मांग रहा विपक्षकांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि प्रधानमंत्री सदन में आकर देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखें। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों ही संसद में इन गंभीर विषयों पर जवाब देने से बच रहे हैं, जिससे जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है।
वहीं कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को संसद में आकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल पर स्पष्ट बयान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी के मामले पर भी सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर भी सरकार से जवाब मांगा और कहा कि इस संबंध में पहले किए गए वादे को पूरा किया जाना चाहिए।
डिंपल यादव ने E20 ईंधन का मुद्दा भी उठायासमाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी विपक्ष के इस विरोध मार्च में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार आम जनता की रोजमर्रा की समस्याओं और उनकी आजीविका से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाता रहेगा। उन्होंने E20 ईंधन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई लोगों की शिकायत है कि इससे वाहनों के इंजन और माइलेज पर असर पड़ रहा है।
डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस विषय पर अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं। उनके मुताबिक, यह ऐसा मुद्दा है जिसका सीधा प्रभाव करोड़ों वाहन चालकों और आम नागरिकों पर पड़ रहा है, इसलिए सरकार को इस पर स्पष्ट नीति और जवाब दोनों देने चाहिए।