बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से सांसद पप्पू यादव ने मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। CJP प्रदर्शन के बीच उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संघर्ष की सराहना करते हुए इसे ‘नए अंग्रेजों’ और तानाशाही के खिलाफ लड़ाई बताया। पप्पू यादव का दावा है कि पिछले तीन वर्षों से राहुल गांधी वोट चोरी और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं, जबकि प्रियंका गांधी लोकतंत्र, संविधान और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही हैं। सांसद ने कहा कि अब विपक्ष देशभर में एकजुट हो रहा है और लोकतंत्र की रक्षा की इस लड़ाई में बच्चों के साथ-साथ Gen-Z और Gen-Alpha जैसी नई पीढ़ियों की भागीदारी भी बढ़ रही है। उनके मुताबिक, युवाओं और विपक्ष की एकजुटता से लोकतांत्रिक अधिकारों को बचाने की उम्मीद मजबूत हुई है।
‘नए अंग्रेजों और तानाशाही के खिलाफ लड़ाई’पप्पू यादव ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों की तुलना औपनिवेशिक दौर से करते हुए सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में चल रहा संघर्ष नए अंग्रेजों के खिलाफ जंग जैसा है। उनके बयान में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ युवाओं की भागीदारी को भी अहम बताया गया। सांसद ने दावा किया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संघर्ष से सरकार के भीतर डर का माहौल है। उन्होंने यह भी कहा कि अब बच्चों और युवाओं के लोकतंत्र की लड़ाई में शामिल होने से सरकार की चिंता बढ़ रही है। हालांकि, ये बातें पप्पू यादव के राजनीतिक आरोप और दावे हैं।
करेंसी नोट पर नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाने का भी किया जिक्रअपने बयान में पप्पू यादव ने करेंसी नोट पर तस्वीर बदलने की कथित सोच का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तानाशाहों ने नोट पर बनी तस्वीर को बदलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाने तक के बारे में सोचा था। इस बात का जिक्र करते हुए उन्होंने जेवर प्रोजेक्ट का नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर रखे जाने का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसा तब किया गया, जब मोदी जीवित हैं। पप्पू यादव ने इस उदाहरण के जरिए अपने बयान में सत्ता और तानाशाही को लेकर आलोचना की। उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में इस कथित सोच का जिक्र किया, लेकिन इस संबंध में किसी अन्य पक्ष की प्रतिक्रिया या आधिकारिक पुष्टि का विवरण सामने नहीं है।
‘आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहना चाहिए’पप्पू यादव ने लोकतंत्र की रक्षा को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि देश में ऐसा माहौल बना रहना चाहिए, जहां बच्चे और युवा आजादी तथा अपने अधिकारों के साथ जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि कोई तानाशाह उनके बच्चों का भविष्य खत्म नहीं कर पाएगा। सांसद के मुताबिक, लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए विपक्ष तथा नई पीढ़ियों का एक साथ आना जरूरी है। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संघर्ष का उल्लेख करते हुए दावा किया कि विपक्ष की एकजुटता और युवाओं की भागीदारी से लोकतंत्र को बचाने की उम्मीद मजबूत हुई है। पप्पू यादव का पूरा बयान लोकतंत्र, मतदान के अधिकार, छात्रों के मुद्दों और नई पीढ़ियों की राजनीतिक भागीदारी के इर्द-गिर्द रहा। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए विपक्ष के संघर्ष को तानाशाही के खिलाफ लड़ाई के रूप में पेश किया।