नई दिल्ली। जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के समर्थन में अब विपक्षी दलों की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (COJP) के आंदोलन को अपनी पार्टी का समर्थन देने का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक से अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने की भावुक अपील भी की। केजरीवाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि वह गुरुवार शाम पांच बजे जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक और आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता व्यक्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक लंबे समय से अनशन पर हैं और लगातार उनकी सेहत गिरती जा रही है। केजरीवाल ने उन्हें देश की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनके जीवन का महत्व पूरे देश के लिए है। उन्होंने आग्रह किया कि आंदोलन जारी रखने के लिए कई लोकतांत्रिक रास्ते मौजूद हैं, इसलिए वांगचुक को अब भूख हड़ताल समाप्त करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी दोहराया कि आम आदमी पार्टी आंदोलन की मांगों का पूरा समर्थन करती है और केंद्र सरकार से इस मामले में सकारात्मक पहल करने की अपेक्षा करती है।
परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की उठाई मांगअरविंद केजरीवाल ने इस दौरान देश की परीक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे प्रश्नपत्र लीक जैसे मामलों ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में विद्यार्थियों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक 28 जून से इस आंदोलन का हिस्सा हैं और उसी दिन से उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रखी है। इससे पहले सोमवार को आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी भी जंतर-मंतर पहुंची थीं, जहां उन्होंने वांगचुक से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
लगातार गिर रही है सोनम वांगचुक की सेहतसमाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, आंदोलन के आयोजकों ने जानकारी दी है कि लंबे समय से जारी अनशन का असर अब सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देने लगा है। उनके शरीर का वजन करीब 8.2 किलोग्राम तक कम हो चुका है। इसके अलावा उनका रक्तचाप गिरकर 107/70 एमएमएचजी दर्ज किया गया है, जबकि ब्लड ग्लूकोज का स्तर भी घटकर 67 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर रह गया है।
आयोजकों के मुताबिक चिकित्सकों की एक टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। डॉक्टर समय-समय पर उनकी मेडिकल जांच कर रहे हैं और आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण भी किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक भोजन न लेने की स्थिति शरीर पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है, इसलिए उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विपक्षी नेताओं ने भी अनशन खत्म करने की अपील कीसोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए हाल के दिनों में कई प्रमुख विपक्षी नेताओं ने भी उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध किया है। इनमें तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल हैं। सभी नेताओं ने अलग-अलग माध्यमों से कहा है कि वांगचुक का जीवन देश और समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह सोनम वांगचुक से विनम्र आग्रह करते हैं कि वे अपना अनशन समाप्त करें। उन्होंने कहा कि वांगचुक का जीवन पूरी दुनिया के लिए अनमोल है, क्योंकि उन्होंने मानवता, पर्यावरण संरक्षण और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए लगातार काम किया है। उनके अनुसार, इस संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए जीवन का सुरक्षित रहना सबसे अधिक जरूरी है।
महुआ मोइत्रा ने भी की भावुक अपीलतृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भावनात्मक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि सोनम वांगचुक के आंदोलन ने देशभर के युवाओं को न्याय की लड़ाई के लिए एक मंच पर लाने का काम किया है। उनके मुताबिक इस आंदोलन ने अपना उद्देश्य काफी हद तक पूरा कर लिया है और अब उनके जीवन की रक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
महुआ ने कहा कि सरकार उनके स्वास्थ्य को लेकर चाहे जितनी गंभीर हो या न हो, लेकिन करोड़ों लोग उनकी चिंता कर रहे हैं। उन्होंने वांगचुक से आग्रह किया कि वे अपना अनशन समाप्त करें और आगे की लड़ाई लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीकों से जारी रखें। विपक्षी नेताओं की लगातार बढ़ती अपीलों के बीच अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सोनम वांगचुक अपने अगले कदम को लेकर क्या फैसला लेते हैं।