जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन को अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी समर्थन मिलने लगा है। एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे इस धरने के प्रति लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है। जहां विपक्षी नेताओं और फिल्मी हस्तियों ने मंच पर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया है, वहीं बड़ी संख्या में आम लोग भी अलग-अलग तरीकों से प्रदर्शनकारियों की मदद कर रहे हैं। खास बात यह है कि जो लोग दिल्ली नहीं पहुंच पा रहे, वे ऑनलाइन माध्यम से भोजन, पानी और अन्य जरूरी सामान भेजकर अपना सहयोग दे रहे हैं।
18 जुलाई के बाद से जंतर-मंतर पर समर्थकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इसी के साथ फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्रदर्शनकारियों तक भोजन पहुंचाने का सिलसिला भी तेज हो गया है। देश के विभिन्न शहरों से लोग स्विगी और जोमैटो जैसे ऐप्स का इस्तेमाल कर नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना भेज रहे हैं। मुंबई, सूरत, पटना, हैदराबाद, कोलकाता और कई अन्य शहरों से लगातार ऑर्डर किए जा रहे हैं। कोई एक व्यक्ति के लिए भोजन भेज रहा है तो कोई दर्जनों लोगों के लिए पर्याप्त खाने का इंतजाम कर रहा है। कई समर्थक बड़ी मात्रा में पानी की बोतलें भी बुक कर रहे हैं।
स्थिति यह है कि जंतर-मंतर पर एक समय में कई डिलीवरी एजेंट एक साथ खाने के पैकेट लेकर पहुंच जाते हैं। ऑर्डर देने वाले लोग डिलीवरी एड्रेस में सिर्फ जंतर-मंतर लिखते हैं और डिलीवरी पहुंचने पर निर्देश दिया जाता है कि भोजन किसी भी जरूरतमंद प्रदर्शनकारी को दे दिया जाए। लगातार बढ़ते ऑर्डर्स के कारण कई बार जरूरत से ज्यादा भोजन पहुंचने लगा। इसे देखते हुए सीजेपी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोगों से अपील करनी पड़ी कि आवश्यकता से अधिक खाना न भेजें, क्योंकि अतिरिक्त भोजन बर्बाद हो जाता है।
अब यह समर्थन भारत की सीमाओं से बाहर भी पहुंच चुका है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें डिलीवरी कर्मी यह बताते नजर आते हैं कि उन्हें मिले कुछ ऑर्डर विदेशों से किए गए हैं। इन वीडियो में बांग्लादेश, कतर और दुबई जैसे देशों के नाम सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि वहां बैठे लोग ऑनलाइन ऑर्डर देकर जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों तक भोजन पहुंचा रहे हैं।
समाचार एजेंसी आईएनएएस से बातचीत के दौरान एक डिलीवरी एजेंट ने बताया कि उन्हें अक्सर ऐसे ऑर्डर मिलते हैं जिनमें कहा जाता है कि खाना किसी भी छात्र या जरूरतमंद प्रदर्शनकारी को दे दिया जाए। उसने बताया कि हाल ही में उसे कतर से एक ऑर्डर मिला था, जिसमें विशेष रूप से जंतर-मंतर पर मौजूद किसी छात्र को नाश्ता देने के लिए कहा गया था। डिलीवरी एजेंट के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा अब विदेशों से भी इस तरह के ऑर्डर लगातार आ रहे हैं।
आंदोलन में शामिल एक प्रदर्शनकारी ने भी एक यूट्यूब चैनल से बातचीत के दौरान बताया कि विदेशी देशों से भोजन भेजने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। उसके मुताबिक, दुबई में रहने वाले एक समर्थक ने एक ही दिन में कई बार ऑर्डर कर कुल लगभग 2,000 फूड पार्सल भेजे थे। प्रदर्शनकारी ने कहा कि डिलीवरी एजेंट खाना देकर चले जाते हैं और भोजन सीधे आंदोलन में शामिल लोगों तक पहुंच जाता है। उसका दावा था कि बीते दिन दुबई से आठ अलग-अलग खेपों में हजारों पैकेट भोजन पहुंचे थे।
इसी बीच सोशल मीडिया पर सामने आए एक अन्य वीडियो में देर रात जंतर-मंतर का दृश्य दिखाया गया है, जहां स्विगी और जोमैटो के डिलीवरी पार्टनर्स की लंबी कतार नजर आती है। वीडियो बनाने वाला व्यक्ति रात करीब 11 बजे के समय को दिखाते हुए कहता है कि लगातार भोजन के ऑर्डर पहुंच रहे हैं। जब उसने एक डिलीवरी एजेंट से पूछा कि यह भोजन किसने भेजा है, तो एजेंट ने बताया कि ऑर्डर बांग्लादेश से किया गया है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विदेशों से किए जा रहे इन ऑर्डर्स के पीछे वहां रहने वाले भारतीय हैं या संबंधित देशों के स्थानीय नागरिक। बावजूद इसके, जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को मिल रहा यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर भी इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।