दिल्ली-एनसीआर की हवा इस साल भी जहरीली बनी हुई है। नए साल के पहले दिन भी क्षेत्र का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। 24 घंटे के औसत के अनुसार AQI 380 रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट के मुताबिक 26 मॉनिटरिंग स्टेशन बहुत खराब श्रेणी में थे, जबकि 11 स्टेशन गंभीर श्रेणी में शामिल रहे। आनंद विहार में सबसे अधिक प्रदूषण देखा गया, जहां AQI 423 यानी गंभीर स्तर पर पहुंच गया।
सिर्फ प्रदूषण ही नहीं, ठंड ने भी लोगों को राहत नहीं दी। गुरुवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 17.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक था। सुबह के समय कई इलाकों में कोहरा और दिन में बादल छाए रहे। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी और वर्षा भी हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा पड़ने का पूर्वानुमान जताते हुए आरेंज अलर्ट जारी किया है। कोहरे के कारण विजिबिलिटी घट गई, जिससे सड़क पर वाहन धीमे चलते दिखे।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट के साथ ठंड जारी रहने की संभावना है। 2 से 5 जनवरी के बीच अलग-अलग इलाकों में शीत लहर की स्थिति रहने का अनुमान है।
प्रदूषण की स्थिति भी चिंताजनकआने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना नहीं है। 4 जनवरी तक हवा बहुत खराब श्रेणी में बनी रहने की उम्मीद है। डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के आंकड़ों के अनुसार, प्रदूषण में परिवहन का योगदान 11 प्रतिशत, उद्योग और निर्माण का 1.3 प्रतिशत, सड़क धूल का 0.7 प्रतिशत और आवासीय स्रोतों का 2.9 प्रतिशत रहा। दिल्ली के प्रदूषण में बुलंदशहर की 9.8 प्रतिशत, गौतम बुद्ध नगर की 6.6 प्रतिशत और फरीदाबाद की 4.1 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।
शुक्रवार की सुबह दिल्ली-एनसीआर का दृश्य फिर से मोटी स्मॉग की चादर में ढका रहा। नए साल के दूसरे दिन भी हवा की गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं हुआ। कई प्रमुख मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया।
दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख इलाकों में शुक्रवार सुबह AQI की स्थिति:इलाका AQI
द्वारका 307
वसुंधरा 275
मुंडका 222
श्रीनिवासपुरी 180
सिरी फोर्ट 171
चांदनी चौक 170
जहांगीरपुरी 170
आनंद विहार 168
नोएडा सेक्टर-116 160
टेरी ग्राम, गुरुग्राम 156
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दिल्ली-एनसीआर के कई प्रमुख इलाके आज भी गंभीर प्रदूषण की चपेट में हैं। इस वजह से लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों और गले में जलन के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।