दिल्ली में IRS अधिकारी की बेटी के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या की वारदात ने राजधानी को हिला कर रख दिया है। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा था कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाली इमारत में आरोपी आखिर दाखिल कैसे हुआ। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पहले इसी घर में काम कर चुका था, इसलिए उसे बिल्डिंग की संरचना, सुरक्षा व्यवस्था और परिवार की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी। इसी पुराने भरोसे और अंदरूनी जानकारी का फायदा उठाकर उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
अलवर में वारदात के बाद दिल्ली तक पहुंचा आरोपीपुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी राहुल मीणा मंगलवार को अपने एक दोस्त के साथ अलवर में एक शादी समारोह में शामिल हुआ था। इसी दौरान उसने अपने दोस्त से कहा कि उसे कुछ जरूरी काम से बाहर जाना है। इसके बाद वह दोस्त के घर लौटा और कथित तौर पर वहां भी एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
इसके बाद वह सीधे दिल्ली की ओर निकल पड़ा, लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। बताया जा रहा है कि उसने अपना मोबाइल फोन लगभग 10,000 रुपये में बेच दिया और उसी पैसे से अलवर से दिल्ली के लिए करीब 6,000 रुपये में एक कैब बुक की। दिल्ली पहुंचने के बाद उसने ड्राइवर को किराया नहीं दिया और उसे वहां से भगा दिया।
कैब छोड़कर पैदल पहुंचा हाई-सिक्योरिटी बिल्डिंग तकदिल्ली पहुंचने के बाद आरोपी सीधे कैब से उतर गया और पैदल ही अमर कॉलोनी स्थित कैलाश हिल्स बिल्डिंग की ओर बढ़ गया, जहां IRS अधिकारी का घर था। पुलिस जांच के मुताबिक वह पूरी तरह शांत और बिना किसी शक के इलाके में घूमता रहा और लगभग 6:30 बजे कॉलोनी के भीतर पहुंच गया।
सिर्फ 50 मिनट में पूरी वारदात, पहले से तय थी योजना
सीसीटीवी और टाइमलाइन के आधार पर सामने आया है कि आरोपी सुबह करीब 6:39 बजे बिल्डिंग में घुसा और लगभग 7:20 बजे वहां से बाहर निकल गया। इतने कम समय में पूरी वारदात को अंजाम देना इस बात का संकेत है कि यह सब पहले से योजनाबद्ध था। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने हर कदम सोच-समझकर उठाया था।
कैसे तोड़ी मल्टी-लेयर सिक्योरिटी, अंदर तक पहुंचा बिना रोकेजांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को पहले से यह जानकारी थी कि सुबह के समय अधिकारी और उनकी पत्नी जिम के लिए घर से निकल जाते हैं। उस समय बिल्डिंग का मुख्य गेट अपेक्षाकृत खाली रहता है और सुरक्षा ढीली पड़ जाती है। इसी समय का फायदा उठाकर वह मेन गेट से अंदर दाखिल हुआ।
इसके बाद वह एक्सेस कार्ड की मदद से सीधे तीसरी मंजिल तक पहुंचा, जहां पीड़िता मौजूद थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उसे यह भी पता था कि सुरक्षा के लिए किस तरह का लॉक सिस्टम इस्तेमाल किया गया है।
चाबी की जगह और अंदर की पूरी जानकारी पहले से थी आरोपी कोपुलिस जांच के अनुसार, आरोपी को यह भी मालूम था कि घर की चाबियां शू रैक में रखी जाती हैं। यही कारण था कि उसे अंदर प्रवेश करने में कोई खास दिक्कत नहीं हुई। बताया जा रहा है कि यह जानकारी उसे पहले की नौकरी के दौरान मिली थी।
घटना के बाद उसने अपने कपड़े बदले और एक बैग लेकर वहां से बाहर निकला, जबकि वह बैग उसके पास अंदर जाते समय नहीं था। इससे साफ है कि वह लूटपाट और भागने की तैयारी भी पहले से किए हुए था।
सटीक टाइमिंग और प्लानिंग ने बढ़ाया शकजांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी को पहले से यह भी पता था कि किस समय पीड़िता के माता-पिता घर से बाहर निकलते हैं। वह जानता था कि उस समय घर में केवल बेटी अकेली होगी। इसी जानकारी ने उसे पूरी वारदात को अंजाम देने में मदद की।
इसके अलावा उसे यह भी जानकारी थी कि अधिकारी सुरक्षा के लिए घर की चाबी शू रैक में ही रखते हैं ताकि घरेलू काम करने वाले लोग आसानी से उसे ले सकें।
घर के अंदर घुसकर वारदात और फिर फरारबुधवार सुबह आरोपी ने शू रैक से चाबी निकाली, दरवाजा खोला और आसानी से घर के अंदर प्रवेश कर गया। इसके बाद उसने पहले पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद वह बिना किसी रुकावट के वहां से फरार हो गया।
दिल्ली पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि घर में काम करने वाले स्टाफ की पुलिस वेरिफिकेशन सही तरीके से हुई थी या नहीं, क्योंकि सुरक्षा सिस्टम में इतनी बड़ी चूक ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।