सड़क, फ्लाईओवर और हरियाली पर बड़ा खर्च, 10 बिंदुओं में जानें रेखा सरकार का ‘ग्रीन बजट’

दिल्ली सरकार ने इस बार के बजट में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। इसे ‘ग्रीन बजट’ का नाम देते हुए सरकार ने साफ कर दिया है कि शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण और हरियाली बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक जाम, खराब सड़कों और प्रदूषण जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कई बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की गई है। इन योजनाओं का मकसद न सिर्फ यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है, बल्कि नागरिकों को अधिक सुविधाजनक और स्वच्छ वातावरण भी उपलब्ध कराना है।

इसके अलावा शहरी ढांचे को मजबूत करने और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए भी कई अहम कदम उठाए गए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण से जुड़ी कौन-कौन सी प्रमुख घोषणाएं की गई हैं।

10 अहम बिंदुओं में समझें ‘ग्रीन बजट’ की बड़ी बातें

1. पर्यावरण पर विशेष फोकस


इस बजट का लगभग 21 प्रतिशत हिस्सा पर्यावरण सुधार और प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित किया गया है। इसके जरिए हरित परियोजनाओं को बढ़ावा देने और वायु गुणवत्ता सुधारने का लक्ष्य रखा गया है।

2. एमसीडी के लिए भारी बजट आवंटन

नगर निगम को 11,666 करोड़ रुपये की राशि दी गई है, जिसका उपयोग सफाई व्यवस्था सुधारने, सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।

3. सड़कों के लिए अतिरिक्त फंड


सड़कों की हालत सुधारने के लिए एमसीडी को 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट दिया गया है। इससे मुख्य मार्गों के साथ-साथ आंतरिक सड़कों की स्थिति भी बेहतर होगी।
4. धूल मुक्त सड़कों की योजना

700 किलोमीटर से अधिक सड़कों को अपग्रेड करने और धूल प्रदूषण कम करने के लिए 1,392 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे सड़क गुणवत्ता और वायु दोनों में सुधार आएगा।

5. नए फ्लाईओवर और एलिवेटेड कॉरिडोर

ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए शहर में नए फ्लाईओवर और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे यात्रा समय कम होगा और यातायात सुगम बनेगा।

6. भजनपुरा–यमुना विहार डबल डेकर फ्लाईओवर

पूर्वी दिल्ली में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए इस डबल डेकर फ्लाईओवर परियोजना को गति दी जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

7. बारापुला फेज-3 को पूरा करने का लक्ष्य

बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर फेज-3 को जून 2026 तक पूरा करने की योजना है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

8. लोनी रोड अंडरपास परियोजना

लोनी रोड पर अंडरपास निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और आवागमन आसान होगा।

9. यमुनापार क्षेत्र के विकास पर जोर

यमुना पार इलाके के विकास के लिए यमुना विकास बोर्ड को 300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे सड़कों, पार्कों और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

10. पैदल यात्रियों के लिए फुट ओवर ब्रिज

सुरक्षित आवाजाही के लिए विभिन्न स्थानों पर नए फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। इसके लिए 25 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।

कुल मिलाकर, यह बजट दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में राजधानी को अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।