दिल्ली कार धमाका: पहली बार सामने आया धमाके का वीडियो, गाड़ियों के बीच उठा आग का गोला

दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण कार धमाके का दिल दहला देने वाला वीडियो अब सामने आया है। यह वीडियो उस भयावह पल को दिखाता है जब एक चलती कार अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाके ने कुछ ही सेकंड में 12 लोगों की जान ले ली और कई अन्य को गंभीर रूप से घायल कर दिया। सीसीटीवी फुटेज पर 10 नवंबर 2025 की तारीख और शाम 6 बजकर 50 मिनट 52 सेकंड का समय दर्ज है। फुटेज में देखा जा सकता है कि चौराहे पर भारी ट्रैफिक है—बाइक, ऑटो और कारों की लंबी कतारें हैं। ट्रैफिक सिग्नल हरा होते ही गाड़ियां धीरे-धीरे आगे बढ़ती हैं। तभी अचानक एक तेज धमाका होता है और कैमरे की स्क्रीन पर कुछ पल के लिए आग की तेज चमक छा जाती है। धमाके के तुरंत बाद चारों ओर हड़कंप मच जाता है। यह विस्फोट लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास हुआ था। चश्मदीदों के मुताबिक, सफेद रंग की i20 कार ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी हुई थी, जब धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां जलकर खाक हो गईं। हादसे में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
धमाके से पहले की साजिश और जांच का खुलासा

प्रारंभिक जांच में सुरक्षा एजेंसियों ने पाया कि यह कार विस्फोटक से भरी हुई थी और इसे जानबूझकर व्यस्त इलाके में पार्क किया गया था ताकि अधिकतम नुकसान पहुंचाया जा सके। जांच में यह भी सामने आया कि विस्फोट शायद जल्दबाजी में हुआ, जिसके कारण इसका पूरा असर नहीं दिख सका। मुख्य आरोपी के रूप में डॉ. उमर नबी का नाम सामने आया है, जो जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि धमाके के वक्त वही कार चला रहा था। बताया जा रहा है कि उमर एक डॉक्टर था, लेकिन उसने आतंकवादी नेटवर्क से जुड़कर साजिश को अंजाम दिया।

फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ा कनेक्शन

जांच एजेंसियों को शक है कि इस विस्फोट का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद में हाल ही में पकड़े गए टेरर मॉड्यूल से है, जहां बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक बरामद किए गए थे। पुलिस ने उमर नबी के परिवार के सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, जबकि कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

गृह मंत्रालय की हाई-लेवल मीटिंग और NIA की एंट्री

धमाके के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपात बैठक बुलाई, जिसमें दिल्ली पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो और एनआईए के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसके बाद केस की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। एनआईए ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

राजधानी में दहशत का माहौल

यह घटना दिल्ली में लंबे समय बाद हुए बड़े आतंकी हमले के रूप में दर्ज हो रही है। धमाके ने राजधानी के लोगों में पुराने आतंकवादी हमलों की यादें ताजा कर दी हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिए हैं। जांच अधिकारी इस पूरे नेटवर्क के विदेशी लिंक की भी पड़ताल कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस आतंकी साजिश के पीछे कौन-से संगठन सक्रिय थे और धमाके के लिए फंडिंग कहां से हुई। यह हादसा एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि देश की राजधानी में आतंकवाद का खतरा अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस नेटवर्क के हर कड़ी को बेनकाब करना है।