दिल्ली में रेखा गुप्ता की अगुआई वाली बीजेपी सरकार ने शुक्रवार, 20 फरवरी को अपना पहला वर्ष पूरा कर लिया। रेखा गुप्ता ने ठीक एक साल पहले ही दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। चुनाव से पहले बीजेपी ने दिल्लीवासियों से कई बड़े वादे किए थे, जिन पर विश्वास करते हुए जनता ने अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को सत्ता से बाहर कर दिया और 27 साल बाद देश की राजधानी की सरकार बीजेपी को सौंप दी।
अब सवाल यह उठता है कि बीते एक साल में सरकार ने कितने वादे पूरे किए और किन पर अभी काम चल रहा है।
विधानसभा चुनाव और बीजेपी का संकल्प पत्रदिल्ली में विधानसभा चुनाव फरवरी 2025 में संपन्न हुए थे। इसके पहले बीजेपी ने अपना विकसित दिल्ली संकल्प पत्र 2025 जारी किया था। इसे तीन भागों में विभाजित किया गया था, जिसमें महिलाओं, छात्रों, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, प्रदूषण नियंत्रण, यमुना सफाई और कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
संकल्प पत्र के माध्यम से बीजेपी ने यह संदेश दिया कि उनकी सरकार राजधानी में हर वर्ग के लिए विकास और कल्याण सुनिश्चित करेगी।
प्रमुख वादे और योजनाएंमहिला एवं परिवार कल्याण:गरीब परिवारों की महिलाओं को ₹2,500 प्रति माह सहायता।
गर्भवती महिलाओं को ₹21,000 अनुदान और 6 न्यूट्रिशन किट्स।
500 रुपये में एलपीजी सिलेंडर और त्योहारों पर एक सिलेंडर मुफ्त।
स्वास्थ्य और आयुष्मान भारत योजना:आयुष्मान भारत योजना लागू करना, जिसमें ₹5-10 लाख तक स्वास्थ्य कवर।
वरिष्ठ नागरिकों को विशेष स्वास्थ्य लाभ।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर (क्लीनिक) खोलना।
शिक्षा और छात्र कल्याण:जरूरतमंद छात्रों को सरकारी संस्थानों में पीजी तक निशुल्क शिक्षा।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ₹15,000 की वन-टाइम सहायता।
भीमराव अंबेडकर स्टाइपेंड योजना (SC छात्रों को ₹1,000/माह)।
पर्यावरण और बुनियादी ढांचा:यमुना सफाई और किनारों का विकास।
गाजीपुर, ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट्स का बायो-माइनिंग द्वारा हटाना।
दिल्ली क्लीन एयर मिशन के तहत 2030 तक AQI को आधा करना।
500 किमी अनपेव्ड रोड को पक्का करना।
रोड स्वीपिंग और वॉटर स्प्रिंकलिंग मशीनें।
EV और हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देना, 50% वाहन ट्रांजिशन का लक्ष्य।
जनसुविधाएं और कल्याणकारी योजनाएं:अटल कैंटीन के तहत ₹5 में भोजन।
वरिष्ठ नागरिक पेंशन बढ़ाकर ₹2,500।
ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए वेलफेयर बोर्ड और लाइफ कवर।
200-300 यूनिट तक मुफ्त बिजली।
घरों में साफ पानी (जल जीवन मिशन)।
3.5 लाख गरीब परिवारों को आवास।
EV चार्जिंग पॉइंट्स और नए पार्क/ग्रीन बेल्ट्स।
वेस्ट मैनेजमेंट में सुधार, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स।
जिन वादों पर काम हो चुका है
आयुष्मान भारत योजना
योजना लागू कर दी गई है। इसके तहत ₹5 लाख का कवर और टॉप-अप सुविधा उपलब्ध है। अब तक 7 लाख से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं। राजधानी में कई आयुष्मान आरोग्य मंदिर (क्लीनिक) खोले गए हैं।
अटल कैंटीनकई स्थानों पर अटल कैंटीन शुरू हो गई हैं, जहां मात्र ₹5 में पौष्टिक भोजन मिल रहा है। इसका फायदा मुख्य रूप से गरीब और मजदूर वर्ग को हो रहा है।
सड़क और परिवहन सुधार400-600 किमी सड़कों का सुधार और रिपेयर काम शुरू हो चुका है। इसके लिए ₹800 करोड़ से अधिक का फंड जारी किया गया। 500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, और नई बस सेवाओं की शुरुआत भी हुई है।
महिला और स्वास्थ्य कल्याण पर बजट फोकससरकार ने महिलाओं और स्वास्थ्य पर बजट में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए। इसके तहत पार्कों का रीडवलपमेंट, फाउंटेन और सार्वजनिक सुविधाओं का काम शुरू किया गया है।
कचरा प्रबंधनकूड़े के निस्तारण और शिकायत समाधान के लिए मोबाइल ऐप और रियल-टाइम कंप्लेंट सिस्टम शुरू किए गए। इसके लिए एमसीडी के साथ समन्वय बढ़ाया गया है।
जिन वादों पर काम अभी बाकी है
महिला समृद्धि योजनापात्र महिलाओं को ₹2,500 प्रति माह देने का वादा किया गया था। बजट में 5,100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, लेकिन योजना का क्रियान्वयन अभी शुरू नहीं हुआ है। पात्रता तय करने और डेटाबेस तैयार करने में समय लग रहा है।
एलपीजी सब्सिडी500 रुपये में एलपीजी सिलेंडर देने और त्योहारों पर एक फ्री सिलेंडर देने का वादा किया गया था। योजना की प्लानिंग और डीबीटी लिंकिंग हो चुकी है, लेकिन पूरी तरह रोलआउट अभी बाकी है।
यमुना सफाईयमुना नदी को साफ करने का कार्य लगातार जारी है। जल्द ही क्रूज सेवा भी शुरू होने वाली है। सरकार ने 2026 के अंत तक नदी को साफ करने का लक्ष्य रखा है।
कूड़ा प्रबंधनगाजीपुर, ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट्स पर बायो-माइनिंग काम तेज किया गया है, लेकिन कूड़ा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। 2026 तक लक्ष्य पूरा करने की योजना है।
वायु गुणवत्ता सुधारदिल्ली की हवा अभी भी कई दिनों जहरीली बनी रहती है। सड़कों की सफाई, ईवी पॉलिसी और अन्य उपाय लागू किए जा रहे हैं, लेकिन असर दिखने में समय लगेगा।
शिक्षा और छात्र सहायता
केजी से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएशन तक फ्री शिक्षा का वादा अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। पॉलिसी पर काम शुरू हो चुका है, लेकिन फुल रोलआउट बाकी है।
वरिष्ठ नागरिक पेंशनपेंशन बढ़ाई गई है, लेकिन सभी जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों तक लाभ नहीं पहुंचा है।
ईवी चार्जिंग स्टेशनचार्जिंग स्टेशन लगाने की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन सरकार का लक्ष्य अभी 50% दूर है।
रेखा गुप्ता सरकार की प्रमुख उपलब्धियां
जल परियोजनाएं और उपभोक्ता राहतरेखा गुप्ता सरकार ने 2,100 करोड़ रुपये की विभिन्न जल परियोजनाओं की शुरुआत की है। दिल्ली जल बोर्ड की इन परियोजनाओं से पानी की आपूर्ति, सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता और पाइपलाइन नेटवर्क मजबूत होंगे। इससे लाखों लोगों को साफ पानी और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
इसके अलावा, एमनेस्टी स्कीम अब व्यावसायिक उपभोक्ताओं तक बढ़ा दी गई है। इस योजना के तहत अगस्त तक लेट पेमेंट सरचार्ज पर 100% छूट दी जाएगी। इससे लगभग 74,293 करोड़ रुपये की पेनल्टी माफ हो जाएगी, जिससे व्यापारियों को राहत मिलेगी।
सड़कें और यातायात सुधार
सड़कों की मजबूती बढ़ाने के लिए 802 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर की गई है। इस योजना से करीब 400 किलोमीटर लंबी प्रमुख सड़कों का पुनर्विकास किया जाएगा। नई तकनीक के माध्यम से सड़कों का “वॉल-टू-वॉल” पुनर्निर्माण किया जाएगा, जिससे सड़क की आयु और मजबूती दोनों बढ़ेंगी।
नेहरू प्लेस में छह मंजिला मल्टी-लेवल पार्किंग का उद्घाटन किया गया है, जिसमें 650 चार-पहिया और 352 दो-पहिया वाहनों की पार्किंग की क्षमता है। रोजाना लगभग 2,000 वाहनों को यहां पार्किंग सुविधा मिलेगी। इसके अलावा पंजाबी बाग में ऑटोमेटिक मल्टी-लेवल पजल पार्किंग और ग्रेटर कैलाश में आधुनिक शटल पार्किंग भी शुरू हो चुकी हैं।
भू-आधार योजनादिल्ली सरकार ने ‘भू-आधार’ योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत हर जमीन को एक यूनिक 14 डिजिट नंबर दिया जाएगा। यह कदम भूमि विवादों को समाप्त करने में मदद करेगा। योजना का पायलट पश्चिमी जिले के तिलंगपुर कोटला गांव में सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जहां 274 यूएलपीआईएन रिकॉर्ड तैयार किए गए हैं।
महिला सशक्तिकरणमहिला सशक्तिकरण के लिए दिल्ली सरकार ने दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम, 2026 लागू किया। इसके अनुसार राशन कार्ड जारी करते समय परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला सदस्य को मुखिया माना जाएगा। अगर परिवार में केवल एक महिला सदस्य है और उसकी आयु 18 वर्ष से कम है, तो सबसे बुजुर्ग पुरुष सदस्य को मुखिया माना जाएगा। आय मानदंड को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.2 लाख रुपये वार्षिक कर दिया गया है।
एससी/एसटी बस्तियों के विकाससरकार ने एससी/एसटी बस्तियों के लिए 146 परियोजनाओं के लिए 85 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इनमें सड़क निर्माण, चौपालों का नवीनीकरण, पार्कों का विकास, पेयजल आपूर्ति और सीवर लाइन का निर्माण शामिल है। अब तक 9 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 64 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है।
शिक्षा सहायता योजनाएंदिल्ली भवन एवं निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के लिए शिक्षा सहायता योजना शुरू की है।
कक्षा 1-8: ₹500/माह
कक्षा 9-10: ₹700/माह
कक्षा 11-12: ₹1,000/माह
स्नातक स्तर: ₹3,000/माह
आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग, मेडिकल, एमबीए पाठ्यक्रम: ₹10,000/माह तक
गरीब परिवारों के लिए फ्री सिलेंडर योजनागरीब परिवारों की महिलाओं को होली और दीपावली पर फ्री सिलेंडर दिया जाएगा। इसके लिए 242 करोड़ रुपये का फंड रखा गया है। दिल्ली के 17.5 लाख राशन कार्ड धारक इस योजना का लाभ उठा पाएंगे। पैसा सीधे डीबीटी के जरिए बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा, जिससे घर पर सिलेंडर पहुंचाने की जरूरत नहीं होगी।
लखपति बिटिया योजनालखपति बिटिया योजना के तहत दिल्ली की बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक की पढ़ाई पूरी होने तक अलग-अलग समय पर कुल 56,000 रुपये दिए जाएंगे। योजना की परिपक्वता पर उन्हें 1 लाख रुपये मिलेंगे।
एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को लाभ मिलेगा।
वार्षिक आय 1.2 लाख रुपये तक के परिवारों की बेटियों के लिए योजना लागू होगी।
यदि बेटी स्नातक पूरा करने से पहले शादी कर लेती है, तो योजना का कोई लाभ नहीं मिलेगा।
इस योजना पर कुल 160 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
सीएम रेखा गुप्ता का रिपोर्ट कार्डरेखा गुप्ता की अगुआई वाली दिल्ली सरकार ने अपने पहले वर्ष में कई वादों पर तेज़ी से काम किया है। खासतौर पर वेलफेयर और स्वास्थ्य योजनाओं में जनता को सीधे लाभ मिलना शुरू हो गया है। अटल कैंटीन, आयुष्मान भारत, वय वंदना योजना और मुफ्त बस सेवाएं इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
लेकिन बड़े संरचनात्मक और पर्यावरणीय मुद्दों जैसे यमुना नदी की सफाई, लैंडफिल हटाना और प्रदूषण नियंत्रण पर काम अभी शुरुआती चरण में है। इन क्षेत्रों में परिणाम दिखने में समय लगेगा।
सरकार ने स्वयं स्पष्ट किया है कि 2025 तैयारी का साल था, 2026 डिलीवरी का साल होगा। पहले साल में वेलफेयर स्कीम्स और स्वास्थ्य सुविधाओं पर तेज़ी से काम हुआ है। लगभग 40-50% वादे पूरे किए गए हैं या अच्छी शुरुआत कर दी गई है।
वहीं, इन्फ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरणीय वादों जैसे यमुना नदी की सफाई, गाजीपुर/ओखला/भलस्वा लैंडफिल हटाना और साफ हवा सुनिश्चित करना अभी अधूरा है। सरकार का कहना है कि पहले साल में फाउंडेशन रख दिया गया है और अब नतीजे दिखेंगे।
2026 का आखिरी महीना दिल्ली सरकार के लिए बहुत अहम होगा। यदि हवा की गुणवत्ता सुधरती है और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे होते हैं, तो सीएम रेखा गुप्ता की सरकार जनता से जमकर सराहना बटोरेगी। वहीं, अगर हालात जस के तस बने रहते हैं, तो आलोचना भी तीव्र होगी।