PM मोदी के ऐलानों पर CJP का जवाब, बोली- फास्ट ट्रैक कोर्ट नहीं, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए

NEET पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट सहित कई अहम घोषणाएं किए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने साफ शब्दों में कहा है कि उसकी प्राथमिक मांग अब भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। CJP का कहना है कि केवल नई घोषणाओं से छात्रों का भरोसा वापस नहीं आएगा, बल्कि पूरे मामले में राजनीतिक जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

गौरतलब है कि सोमवार को CJP के बैनर तले जंतर-मंतर से संसद तक पैदल मार्च निकाला गया था। इस दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी, जिसके बाद आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। इस मुद्दे पर कांग्रेस भी लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार पर निशाना साध रही है।

PM मोदी की पोस्ट पर CJP ने दिया जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेपर लीक के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की घोषणा के बाद CJP ने सोशल मीडिया पर उनका पोस्ट साझा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दर्ज की। पार्टी ने स्पष्ट रूप से लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा।

CJP का कहना है कि सरकार की घोषणाएं अपनी जगह हैं, लेकिन जब तक इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार के सामने रखी अपनी शर्तों में जवाबदेही की बात जरूर कही थी, लेकिन उन्होंने शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग नहीं रखी थी। इसके विपरीत CJP लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपने आंदोलन की केंद्रीय मांग बनाए हुए है।
पेपर लीक पर प्रधानमंत्री का बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेपर लीक के मामलों को लेकर सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक के सभी मामलों की सुनवाई तेज करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिल सके। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं और विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार लगातार फैसले ले रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

कांग्रेस ने भी दोहराई अपनी मांग

CJP के आंदोलन के अगले ही दिन कांग्रेस ने भी राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया था। उस दौरान पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई थी। सरकार की ओर से संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की सहमति जताई गई थी, लेकिन कांग्रेस ने अपनी मांगों में कोई बदलाव नहीं किया।

अब प्रधानमंत्री के ताजा ऐलान के बाद राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने देश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर होने दिया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण दिया।

राहुल गांधी ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें भी रखीं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए। इसके बाद छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए और प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कांग्रेस का कहना है कि केवल घोषणाएं करने से छात्रों का विश्वास बहाल नहीं होगा, बल्कि जवाबदेही तय करने और ठोस कार्रवाई करने से ही इस विवाद का समाधान निकल सकेगा।