कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दलों के कुछ नेताओं के बीच बढ़ती नजदीकी के बीच शनिवार, 31 अक्टूबर को दिल्ली में एक दिवाली समारोह आयोजित किया जा रहा है। CJP के सह-संयोजक और प्रवक्ता सौरभ दास इस पार्टी की मेजबानी करेंगे। इसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन और माकपा के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास समेत विपक्ष के कई नेताओं को आमंत्रित किया गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं के भी पहुंचने की संभावना है। इस आयोजन को CJP और विपक्ष के एक वर्ग के बीच पहली अनौपचारिक मुलाकात के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, आमंत्रित नेताओं की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजक आशुतोष रांका के भी समारोह में शामिल होने की उम्मीद है।

75 मेहमानों की सूची, कांग्रेस को नहीं भेजा गया न्योता

दक्षिण दिल्ली में सौरभ दास के आवास पर होने वाले इस कार्यक्रम के लिए करीब 75 लोगों की अतिथि सूची तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस सूची में अलग-अलग विपक्षी दलों के सांसदों और नेताओं को जगह दी गई है। खास बात यह है कि कांग्रेस को छोड़कर अन्य विपक्षी दलों के नेताओं को आमंत्रित किए जाने की बात कही गई है। पार्टी की थीम फ्लोरल रखी गई है।

वामपंथी दल के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि उनकी पार्टी के कुछ नेताओं को भी समारोह का निमंत्रण मिला है। उनके मुताबिक, दिवाली की मुलाकात के दौरान मौजूदा राजनीतिक हालात पर गंभीर चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में यह आयोजन केवल त्योहार के अवसर पर मिलने-जुलने तक सीमित रहेगा या इसके दौरान राजनीतिक मुद्दों पर भी बातचीत होगी, इस पर नजर रहेगी।

राहुल गांधी के समर्थन के बाद बढ़ी CJP और विपक्ष की नजदीकी

CJP और विपक्षी नेताओं के बीच संपर्क बढ़ने की चर्चा पिछले कुछ सप्ताह से हो रही है। इसकी एक अहम वजह मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया रही है। राहुल गांधी ने पहले कहा था कि CEC के खिलाफ अलग-अलग समानांतर प्रदर्शन नहीं हो रहे हैं। इसके बाद उन्होंने CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की भी निंदा की थी। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश के बाद CJP नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार किया गया था। इस पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा था, ‘जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल में डालना कायरता है।’ राहुल गांधी ने अपने एक अन्य संदेश में छात्रों, युवाओं, पत्रकारों और INDIA गठबंधन के आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा था कि अलग-अलग बैनर होने के बावजूद इनका मकसद एक है। उन्होंने इन प्रदर्शनों को नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की मांग से जोड़ते हुए कहा था कि जंतर-मंतर भारत के लोगों का है और वे इसे वापस हासिल करेंगे।
अभिजीत दीपके ने राहुल गांधी का जताया था आभार

राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सार्वजनिक रूप से उनका आभार जताया था। उन्होंने गिरफ्तार कार्यकर्ताओं के समर्थन में आवाज उठाने के लिए कांग्रेस नेता की सराहना की। इस घटनाक्रम को इसलिए अहम माना गया, क्योंकि इससे पहले राहुल गांधी सार्वजनिक रूप से CJP से दूरी बनाए रखते थे। इसके बाद 28 अक्टूबर को दीपके ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की रैली को समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘कॉकरोच जनता पार्टी 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की रैली का समर्थन करती है। राष्ट्र सबसे ऊपर है।’ CJP ने यह समर्थन मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के आंदोलन और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जताया है। संगठन का कहना है कि वह निष्पक्ष चुनाव और पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे संगठनों के साथ खड़ा है। CJP ने SIR प्रक्रिया के कारण योग्य मतदाताओं के नाम सूची से हटने की आशंका पर चिंता जताई है। हालांकि, ये संगठन के आरोप और आशंकाएं हैं; इन्हें किसी आधिकारिक निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

रैली का समर्थन, लेकिन कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी CJP

INDIA गठबंधन की रैली को समर्थन देने के बावजूद CJP ने कांग्रेस के साथ राजनीतिक गठबंधन करने के संकेत नहीं दिए हैं। 30 अक्टूबर को सामने आए आशुतोष रांका के एक इंटरव्यू के मुताबिक, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी आंदोलन के मुद्दे का समर्थन करने के लिए एक ही मंच पर आना जरूरी नहीं है। CJP अपनी स्वतंत्र पहचान और अलग राजनीतिक भूमिका बनाए रखना चाहती है। रांका के मुताबिक, CJP उन संगठनों और नेताओं का समर्थन कर सकती है जिनके मुद्दे उसके एजेंडे से मेल खाते हैं, लेकिन इसे किसी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा बनना नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन न तो किसी राजनीतिक ब्लॉक का हिस्सा है और न ही किसी दल के साथ अपनी पहचान जोड़ना चाहता है। इसी वजह से CJP के नेताओं के एक नवंबर की रैली में राहुल गांधी के साथ मंच साझा करने की संभावना नहीं जताई गई है।

एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली INDIA गठबंधन की रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध और SIR को लेकर उठाए जा रहे सवाल प्रमुख मुद्दे होंगे। ऐसे समय में सौरभ दास की दिवाली पार्टी में विपक्षी नेताओं को बुलाया जाना CJP और विपक्ष के कुछ दलों के बीच संवाद का नया अवसर माना जा रहा है। हालांकि, इस मुलाकात को किसी औपचारिक राजनीतिक गठबंधन का संकेत मानना अभी जल्दबाजी होगी।