सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने पर अभिजीत दीपके की पहली प्रतिक्रिया, बोले- 'दिल्ली पुलिस ने जबरन उठाया'

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों के साथ सख्ती बरती, कई प्रदर्शनकारियों के साथ धक्का-मुक्की की गई और सोनम वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध वहां से हटाकर अस्पताल ले जाया गया।

अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

अभिजीत दीपके ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उनके अनुसार, प्रदर्शन में शामिल लोगों के साथ मारपीट और बल प्रयोग किया गया, जबकि सोनम वांगचुक को भी जबरदस्ती प्रदर्शन स्थल से ले जाया गया। दीपके के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बहस तेज हो गई और बड़ी संख्या में लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया।

देर रात भी किया था हमले की आशंका का दावा


इससे पहले शुक्रवार देर रात करीब 11:44 बजे अभिजीत दीपके ने एक्स पर एक अन्य पोस्ट साझा करते हुए दावा किया था कि कुछ अज्ञात लोगों ने जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की ओर कोई वस्तु फेंकने की कोशिश की थी। उनके मुताबिक यह हमला सफल नहीं हो पाया और सोनम वांगचुक पूरी तरह सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि इस घटना में उन्हें किसी प्रकार की शारीरिक चोट नहीं पहुंची।
आंदोलन को बाधित करने की साजिश का भी लगाया आरोप

दीपके ने अपने बयान में यह भी कहा कि कुछ दिन पहले उन्हें पुलिस के एक कथित अंदरूनी सूत्र से जानकारी मिली थी कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को प्रभावित करने और माहौल बिगाड़ने के लिए कुछ लोगों को भेजे जाने की योजना बनाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक को किसी भी प्रकार की क्षति पहुंचती है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित प्रशासनिक तंत्र की होगी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

21वें दिन भी जारी रहा अनशन, स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता

सोनम वांगचुक का आमरण अनशन शनिवार को 21वें दिन में प्रवेश कर गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन के दौरान लगातार उपवास के कारण उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही थी। इस बीच कई विपक्षी नेताओं ने भी आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया है। अभिजीत दीपके ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा और पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है।