बिहार की सियासत में बड़ा अपडेट, श्रवण कुमार बने जदयू विधायक दल के नेता


बिहार की राजनीति से एक अहम खबर सामने आई है, जहां जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के भीतर बड़ा फैसला लिया गया है। पार्टी ने श्रवण कुमार को अपने विधायक दल का नया नेता चुन लिया है। इस फैसले पर अंतिम मुहर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लगाई, जिन्हें पहले ही विधायकों की बैठक में इस चयन के लिए अधिकृत किया गया था।

पटना में आयोजित जदयू विधायकों की बैठक के बाद यह निर्णय औपचारिक रूप से सामने आया। बैठक में विधायक दल के नेता के चयन को लेकर चर्चा हुई, जिसके बाद नीतीश कुमार ने श्रवण कुमार के नाम को मंजूरी दी। इसके साथ ही विधानसभा की ओर से उनके नाम का आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है, जिससे उनकी नियुक्ति को औपचारिक रूप मिल गया।

श्रवण कुमार बिहार की राजनीति में एक अनुभवी चेहरा माने जाते हैं। वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ही गृह जिले नालंदा से आते हैं और उसी सामाजिक पृष्ठभूमि से संबंध रखते हैं। नालंदा विधानसभा सीट से उन्होंने 2025 के चुनाव में लगातार आठवीं बार जीत हासिल कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े रहने के कारण उन्हें संगठन और सत्ता दोनों स्तरों पर भरोसेमंद नेता माना जाता है।
हालांकि, इससे पहले उनके नाम की चर्चा उपमुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में भी हो रही थी। राजनीतिक हलकों में यह कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। लेकिन पार्टी ने अंततः विजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी को डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी सौंपी, जिससे श्रवण कुमार इस दौड़ में पीछे रह गए।

बताया जा रहा है कि जब निशांत कुमार ने किसी पद को स्वीकार करने से इनकार किया, तब श्रवण कुमार को उम्मीद जगी थी कि उन्हें इसका फायदा मिल सकता है। बावजूद इसके, परिस्थितियां उनके पक्ष में पूरी तरह नहीं बन सकीं और वे उपमुख्यमंत्री पद तक नहीं पहुंच पाए। हालांकि अब विधायक दल के नेता के रूप में उनकी नियुक्ति को पार्टी के भीतर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के तौर पर देखा जा रहा है।