पटना में सोमवार को जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। उन्होंने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक के तौर पर शपथ ग्रहण किया। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस मौके पर उनके समर्थक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
शपथ लेने के बाद प्रशांत किशोर ने इसे अपने लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी बताया। उन्होंने बिहार विधानसभा के पुराने और प्रमुख नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस सदन का हिस्सा श्री बाबू, अनुग्रह नारायण सिंह, भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर, नीतीश कुमार, लालू प्रसाद, रामविलास पासवान और सुशील मोदी जैसे नेता रह चुके हैं, उसका सदस्य बनना उनके लिए गौरव की बात है।
पुराने नेताओं से प्रेरणा लेने की बातप्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के लिए अपना महत्वपूर्ण समय समर्पित करने वाले सैकड़ों विधायकों के काम से प्रेरणा लेकर वह आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि समाज और राज्य की बेहतरी के लिए वह भी योगदान दे सकें।
किशोर के अनुसार, विधानसभा केवल राजनीतिक भूमिका निभाने का मंच नहीं है, बल्कि यहां पहले काम कर चुके लोगों के अनुभव और योगदान से सीखने की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वह इन नेताओं के दिखाए मार्ग से प्रेरणा लेकर बिहार के समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए काम करना चाहते हैं।
बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा को हरायाप्रशांत किशोर ने 3 अगस्त को बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में जीत हासिल की थी। इस जीत के साथ उन्होंने चुनावी राजनीति में अपनी शुरुआत की। बांकीपुर सीट पर 1995 से भाजपा का कब्जा था।
उपचुनाव में प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले, जबकि भाजपा के नीरज कुमार को 44,827 मत प्राप्त हुए। किशोर ने नीरज कुमार को 19,324 वोटों के अंतर से हराया।
यह उपचुनाव भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद बांकीपुर विधानसभा सीट खाली होने के कारण कराया गया था।
दो साल में 10 हजार युवाओं को रोजगार दिलाने का वादाविधायक चुने जाने के बाद प्रशांत किशोर ने अपने क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार को लेकर भी बड़ा लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा है कि अगले दो वर्षों में बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के कम से कम 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने की व्यवस्था करने की कोशिश करेंगे।
बांकीपुर में एक सभा के दौरान उन्होंने बेरोजगार युवाओं से अपना सीवी उनके कार्यालय में जमा करने की अपील की थी। किशोर ने कहा था कि देशभर में उनके बड़े संपर्क हैं और अतीत में जिन लोगों की उन्होंने मदद की है, उनके माध्यम से युवाओं को देश के अलग-अलग हिस्सों में रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा था कि बिहार में जन सुराज की सरकार बनने के बाद राज्य के भीतर ही रोजगार के अवसर पैदा करने की कोशिश होगी। फिलहाल उनका कहना था कि युवाओं के लिए बिहार के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी रोजगार के अवसर तलाशने होंगे।
शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर भी फोकसप्रशांत किशोर ने रोजगार के अलावा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़ी व्यवस्था पर काम करने की बात भी कही है।
उन्होंने सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक साल के भीतर बड़ा बदलाव लाने का दावा किया था। किशोर ने कहा था कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता इतनी बेहतर करने की कोशिश होगी कि लोग अपने बच्चों को वहां दाखिला दिलाना पसंद करें।
उन्होंने यह भी कहा था कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो निजी स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराने और उनकी फीस का खर्च उठाने की जिम्मेदारी वह स्वयं लेने को तैयार हैं।
अब विधानसभा की सदस्यता की शपथ लेने के बाद प्रशांत किशोर के सामने अपने चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की चुनौती होगी। उन्होंने अपने संबोधन में बिहार के विकास और समाज में बेहतर बदलाव के लिए काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।