बिहार में भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इस मामले ने न केवल विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका दिया है, बल्कि सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए के भीतर भी अलग-अलग राय सामने आने लगी हैं। विपक्षी दल लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं एनडीए के कई नेता भी मामले की पारदर्शी जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
मामले को लेकर बढ़ते दबाव के बीच बिहार सरकार ने भी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पूरे प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराने का निर्देश दिया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल होने लगा है, जिसने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
RJD नेता ने शेयर किया वीडियोराष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रवक्ता और पूर्व विधायक एज्या यादव ने रविवार (21 जून, 2026) को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर यह वीडियो साझा किया। वीडियो में नीतीश कुमार मीडिया से बातचीत करते नजर आ रहे हैं और एक चर्चित एनकाउंटर जैसी घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे भरत तिवारी एनकाउंटर से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि वीडियो की वास्तविक पृष्ठभूमि कुछ और है। इसके बावजूद राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
‘मन डोलने’ वाली टिप्पणी ने बढ़ाई अटकलेंवीडियो साझा करते हुए एज्या यादव ने अपने पोस्ट में लिखा, “बिहार में मौसम का हाल बाद में पता चलता है, लेकिन नीतीश जी का मन डोलने की चर्चा पहले शुरू हो जाती है।” इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।
गौरतलब है कि वर्तमान में नीतीश कुमार एनडीए का हिस्सा हैं और बिहार में एनडीए गठबंधन की सरकार सत्ता में है। सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में आरजेडी नेता की इस टिप्पणी को केवल वीडियो साझा करने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम और भरत तिवारी एनकाउंटर विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
हालांकि वीडियो में कहीं भी भरत तिवारी का उल्लेख नहीं है, लेकिन जिस समय इसे साझा किया गया और जिस तरह की टिप्पणी इसके साथ की गई, उसने राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा दे दी है।
असल में कब का है यह वीडियो?सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो कोई नया नहीं है। यह अप्रैल 2023 का वीडियो है, जब नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री थे और राज्य की राजनीति का समीकरण अलग था। उस समय उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की हत्या ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी।
अतीक और अशरफ को पुलिस मेडिकल जांच के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान मीडिया के सामने अचानक कुछ हमलावर पत्रकारों के वेश में पहुंचे और दोनों भाइयों को गोली मार दी। यह घटना राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी थी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस पर प्रतिक्रिया दी थी।
नीतीश कुमार ने भी उस समय इस घटना पर अपनी राय व्यक्त की थी। अब वही बयान वाला वीडियो एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और उसे भरत तिवारी एनकाउंटर विवाद के संदर्भ में साझा किया जा रहा है।
वीडियो में क्या कहते नजर आए नीतीश कुमार?वायरल वीडियो में नीतीश कुमार अतीक अहमद और अशरफ की हत्या पर सवाल उठाते हुए दिखाई देते हैं। उन्होंने उस समय कहा था कि क्या कोई व्यक्ति खुद को पत्रकार बताकर इस तरह किसी घटना को अंजाम दे सकता है? उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे।
नीतीश कुमार ने कहा था, “क्या प्रेस वाले ऐसा कर सकते हैं? यह कैसे कहा जा सकता है कि प्रेस का आदमी खड़ा होकर सवाल पूछ रहा था? वहां मौजूद पुलिस को पहले से सतर्क रहना चाहिए था। जब कोई व्यक्ति हिरासत में हो और उसे इलाज के लिए ले जाया जा रहा हो, तब इस तरह की घटना होना बेहद दुखद है। किसी के खिलाफ मामला चल रहा हो, अदालत में सुनवाई हो रही हो, लेकिन रास्ते में इस तरह किसी की हत्या कर देना सही नहीं कहा जा सकता।”
वीडियो में उन्होंने कानून व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर भी विस्तार से अपनी बात रखी थी। अब वही पुराना बयान भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर चल रही बहस के बीच फिर से चर्चा का विषय बन गया है।