NEET अभ्यर्थियों को बिहार सरकार की बड़ी राहत, परीक्षा के दिन सरकारी बसों में मुफ्त सफर; पानी और सत्तू की भी होगी व्यवस्था

NEET परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्रों के लिए बिहार सरकार ने अहम राहत भरा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि परीक्षा वाले दिन सभी अभ्यर्थी राज्य की सरकारी बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगे। इसके अलावा भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए पानी, सत्तू और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करने की भी अपील की गई है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि NEET परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बिहार राज्य की सभी सरकारी बस सेवाएं निशुल्क उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने जिला प्रशासन, मंदिर समितियों और सामाजिक संगठनों से भी सहयोग करने का आग्रह किया है ताकि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर छात्रों के लिए पेयजल और सत्तू जैसी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

सरकार के इस फैसले को छात्रों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। हर साल हजारों विद्यार्थी अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करते हैं, जिसमें काफी खर्च भी आता है। ऐसे में मुफ्त बस यात्रा की सुविधा से छात्रों को आर्थिक मदद मिलेगी और यात्रा का तनाव भी कम होगा। खासकर गांव और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
भीषण गर्मी के बीच पानी और सत्तू की व्यवस्था करने की पहल को भी लोगों ने सराहनीय कदम बताया है। बिहार में इन दिनों लगातार तेज गर्मी पड़ रही है और कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐसे हालात में परीक्षा केंद्रों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर राहत सुविधाएं छात्रों को काफी सहूलियत दे सकती हैं। माना जा रहा है कि प्रशासन जल्द ही इसको लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर सकता है ताकि परीक्षा के दिन किसी भी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े।

गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित हुई NEET परीक्षा को पेपर लीक की खबरों के बाद रद्द कर दिया गया था। अब NEET का दोबारा आयोजन 21 जून को किया जाएगा। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजकर 15 मिनट तक चलेगी। ऐसे में बिहार सरकार की यह पहल छात्रों के लिए बड़ी मदद और राहत के तौर पर देखी जा रही है।