खान सर आखिर कहां गायब हैं, पुलिस लगातार कर रही तलाश; गिरफ्तारी के लिए नोएडा पुलिस से भी किया संपर्क

पटना में चर्चित शिक्षक खान सर को लेकर स्थिति लगातार रहस्य बनी हुई है। सवाल यही उठ रहा है कि आखिर खान सर कहां चले गए हैं। पटना पुलिस उनकी लगातार तलाश में जुटी हुई है, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। जानकारी के अनुसार, अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद से ही खान सर सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं और फिलहाल उन्हें लापता माना जा रहा है।

पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित खान कोचिंग संस्थान में पिछले मंगलवार की रात हुए हंगामे के बाद से मामला और ज्यादा गंभीर हो गया है। इस घटना के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी थी। इसी क्रम में खान कोचिंग संस्थान के दो निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा कथित तौर पर फायरिंग किए जाने के मामले में कदमकुआं थाने में फैजल खान उर्फ खान सर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके बाद से पुलिस लगातार जांच और छापेमारी कर रही है।

रविवार को एक बार फिर पटना पुलिस की टीम कोचिंग संस्थान पहुंची, लेकिन वहां भी खान सर मौजूद नहीं मिले। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दर्ज एफआईआर के आधार पर उनकी गिरफ्तारी आवश्यक है, इसी कारण से टीम वहां जांच के लिए गई थी, लेकिन वे वहां से गायब पाए गए। फिलहाल खान सर के ठिकाने को लेकर किसी तरह की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है और पुलिस हर संभावित जगह पर उनकी तलाश कर रही है।

इधर, मामले की जांच के दौरान एक और बड़ा पहलू सामने आया है। पटना पुलिस ने फैजल खान उर्फ खान सर के दोनों निजी गार्डों से जब्त की गई 315 बोर की राइफल को लेकर भी जांच तेज कर दी है। इस संबंध में पुलिस ने नोएडा स्थित संबंधित सिक्योरिटी एजेंसी से संपर्क साधा है और नोएडा पुलिस से भी जानकारी मांगी गई है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि राइफल का लाइसेंस वास्तविक है या फिर किसी फर्जी तरीके से जारी किया गया है।

इसके साथ ही पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मैनपुरी निवासी गार्ड प्रदीप कुमार और कासगंज निवासी तालेबर सिंह के बारे में भी स्थानीय थानों से विस्तृत जानकारी मांगी है ताकि उनकी पृष्ठभूमि की पूरी जांच की जा सके। पुलिस हर पहलू को जोड़कर इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
वहीं घटना के बाद मौके से फायरिंग में इस्तेमाल किए गए खोखे को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि फायरिंग के बाद खोखा किसी व्यक्ति द्वारा उठा लिया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन पर बिखरे हुए खोखों को तुरंत ही हटा दिया गया था, जिससे सबूतों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। रविवार को भी पुलिस मौके पर मौजूद रही और पूरे परिसर की बारीकी से जांच की, हालांकि सभी कक्षाएं बंद होने के कारण कोचिंग परिसर पूरी तरह खाली पड़ा रहा।

इसी बीच कानूनी मोर्चे पर भी हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि खान सर अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए आज पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल कर सकते हैं। उनके वकील अरविंद कुमार मउआर ने इस मामले पर अपनी दलीलें पहले ही सामने रखी थीं।

वकील का कहना है कि खान ग्लोबल स्टडीज के गेट पर हुई घटना के बाद पहले एक पक्ष की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसके जवाब में दूसरे पक्ष ने भी एफआईआर दर्ज कर दी। इसी जवाबी कार्रवाई के क्रम में गार्डों द्वारा आत्मरक्षा में की गई हवाई फायरिंग को आधार बनाकर खान सर का नाम भी एफआईआर में जोड़ दिया गया है, जो पूरी तरह अनुचित है।

अरविंद कुमार मउआर ने यह भी कहा था कि खान सर के खिलाफ कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है और उन्हें जानबूझकर इस मामले में फंसाने की कोशिश की गई है। उनका कहना है कि अगली सुनवाई के दौरान अग्रिम जमानत की अर्जी अदालत में पेश की जाएगी। अब यह देखना होगा कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।