Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। हिमंता सरमा ने कहा कि अब राहुल गांधी और कांग्रेस के लिए भारत की जनता से माफी मांगने का समय आ गया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब चुनाव आयोग के कामकाज और SIR की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं।
हिमंता सरमा ने चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने बार-बार आयोग पर हमला किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एकतरफा फैसले लेने के आरोप लगाए। सरमा के मुताबिक, आयोग की हालिया पूर्ण बैठक के बाद यह स्पष्ट किया गया कि SIR से जुड़े फैसले आयोग की सहमति से लिए गए हैं।
राहुल गांधी पर क्या बोले हिमंता सरमा?हिमंता सरमा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर चुनाव आयोग को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बताना चाहिए कि उन्होंने चुनाव आयोग पर इस तरह के आरोप किस आधार पर लगाए।
असम के मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनाव हारने के बाद इस तरह का राजनीतिक विरोध शुरू करते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम समेत अलग-अलग चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि हर बार चुनाव परिणामों के बाद राहुल गांधी इसी तरह की प्रतिक्रिया देते हैं।
यह हिमंता सरमा का राजनीतिक आरोप है। इसे लेकर राहुल गांधी की ओर से इस बयान पर कोई जवाब संदर्भ सामग्री में नहीं दिया गया है।
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोपदूसरी ओर, राहुल गांधी ने 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ज्ञानेश कुमार को भारत के चुनावों में ‘मैच फिक्सिंग’ की जिम्मेदारी दी। राहुल गांधी ने यह आरोप एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए लगाया था।
राहुल गांधी के इन आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा है कि SIR से जुड़े उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। 26 सितंबर को हुई पूर्ण आयोग की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद थे।
चुनाव आयोग की बैठक में क्या हुआ?चुनाव आयोग ने 26 सितंबर की बैठक के बाद SIR से जुड़े कुल नौ फैसलों की जानकारी दी। आयोग के मुताबिक, जिन मतदाताओं को SIR के दौरान ‘unmapped’ या ‘logical discrepancies’ के कारण नोटिस मिला है, उनके दस्तावेज लेने के लिए बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO उनके घर जा सकेंगे। ऐसे मामलों में सामान्य तौर पर मतदाता को ERO या AERO कार्यालय में बुलाने की जरूरत नहीं होगी और जरूरत पड़ने पर सुनवाई ऑनलाइन भी की जा सकेगी।
आयोग ने रात में काम करने वाले लोगों, मजदूरों, गरीब और बेघर लोगों के लिए पर्याप्त हेल्प डेस्क और विशेष शिविर लगाने का भी फैसला किया है। इसके अलावा SIR से जुड़े Form 6 के साथ दिए जाने वाले घोषणा-पत्र को लेकर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है।
दिल्ली और महाराष्ट्र में बढ़ाई गई समयसीमाबैठक में दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा भी बढ़ाई गई। दिल्ली में यह समयसीमा 30 अक्टूबर 2026 तक कर दी गई है, जबकि नोटिस और दावे-आपत्तियों के निपटारे की अवधि 30 नवंबर तक बढ़ाई गई है।
महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा 12 अक्टूबर 2026 और इनके निपटारे की समयसीमा 10 नवंबर 2026 तक की गई है।
आयोग ने ECINet की समीक्षा के लिए एक समिति बनाने का भी फैसला किया है, जिसमें वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त के साथ IIT या IIIT के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ को शामिल किया जाएगा। आयोग के मुताबिक, इसका उद्देश्य पोर्टल की व्यवस्था को संबंधित कानूनों और नियमों के अनुरूप दोबारा जांचना है।
आयोग ने अपनी बैठकों को लेकर भी किया फैसलाचुनाव आयोग ने कहा कि आगे से आयोग की बैठकों का एजेंडा पहले साझा किया जाएगा और बैठकों की कार्यवाही यानी मिनट्स भी जारी किए जाएंगे। इसके अलावा अधिकारियों की Annual Performance Appraisal Reports समय पर पूरी करने, अधिकारियों की विदेश यात्राओं के लिए आयोग की मंजूरी लेने और आयुक्तों की ओर से अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने से जुड़े फैसले भी लिए गए हैं।
आयोग ने यह भी दोहराया कि 24 जून 2025 को SIR से संबंधित आदेश सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी हुआ था और 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इसे बरकरार रखा था। आयोग के अनुसार, जिन लोगों के नाम SIR के दौरान छूट गए हैं, वे निरंतर मतदाता सूची अपडेट की प्रक्रिया के तहत संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के पास नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
विवाद के बीच आरोप और आयोग की सफाईSIR को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच राहुल गांधी की ओर से ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोप और चुनाव आयोग की ओर से फैसलों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात सामने आई है। आयोग ने अपनी बैठक में SIR, Form 6, ECINet और मतदाताओं से जुड़े कई व्यावहारिक मुद्दों पर फैसलों की जानकारी दी है।
इसी राजनीतिक टकराव के बीच हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी और कांग्रेस से माफी मांगने की बात कही है। वहीं राहुल गांधी अपने आरोपों पर कायम रहते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठा रहे हैं।