आईपीएल 2026 के 19वें सीजन का रोमांच अपने चरम पर है और इसी कड़ी में जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला गया 43वां मुकाबला कई मायनों में खास रहा। इस मैच में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, जिसे टीम ने शानदार तरीके से सही साबित करते हुए 20 ओवर में 225 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। हालांकि इस पारी की शुरुआत जितनी धमाकेदार रही, उतनी ही जल्दी एक अहम विकेट भी गिर गया। ओपनर यशस्वी जायसवाल ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया, लेकिन वह अपनी पारी को लंबा नहीं खींच सके और सिर्फ 6 रन बनाकर आउट हो गए। बावजूद इसके, उन्होंने एक खास रिकॉर्ड अपने नाम जरूर कर लिया।
दरअसल, यशस्वी जायसवाल अब आईपीएल इतिहास में उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने किसी मैच की पहली ही गेंद पर छक्का लगाने का कारनामा किया है। 2008 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट के इतिहास में वह ऐसा करने वाले महज पांचवें खिलाड़ी बने हैं। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ इस मुकाबले में मिचेल स्टार्क की पहली गेंद पर जायसवाल ने स्क्वायर लेग की दिशा में जोरदार शॉट खेलते हुए गेंद को सीधे बाउंड्री के पार भेज दिया। हालांकि इसी ओवर की तीसरी गेंद पर वह स्टार्क का शिकार बन गए और अपनी पारी को बड़ी नहीं बना सके।
आईपीएल के इतिहास में पहली गेंद पर छक्का लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची भी काफी खास है। इस लिस्ट में सबसे पहले नाम नमन ओझा का आता है, जिन्होंने 2009 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ यह कारनामा किया था। इसके बाद विराट कोहली ने 2019 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पहली गेंद पर छक्का लगाया। हाल के वर्षों में फिल साल्ट (2024) और प्रियांश आर्या (2025) ने भी यह उपलब्धि हासिल की, और अब 2026 में यशस्वी जायसवाल इस विशेष क्लब का हिस्सा बन गए हैं।
यशस्वी जायसवाल की बल्लेबाजी शैली हमेशा से आक्रामक रही है और वह टी20 फॉर्मेट में तेज शुरुआत के लिए जाने जाते हैं। खास बात यह है कि वह आईपीएल में पारी की पहली गेंद पर सबसे ज्यादा बार छक्का लगाने वाले खिलाड़ी भी बन चुके हैं। यह चौथा मौका है जब उन्होंने पहली गेंद पर सिक्स जड़ा है। इस मामले में दूसरे स्थान पर प्रियांश आर्या हैं, जिन्होंने अब तक दो बार यह उपलब्धि हासिल की है।
अगर इस सीजन में जायसवाल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो उन्होंने अब तक 10 मैचों में 39 के औसत से 312 रन बनाए हैं। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता देखने को मिली है और उन्होंने तीन अर्धशतक भी लगाए हैं। भले ही इस मुकाबले में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उनकी विस्फोटक शुरुआत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह किसी भी गेंदबाज पर दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं।