भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट से पहले भारतीय क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में से एक सचिन तेंदुलकर की नई तस्वीर का गुरुवार को लॉर्ड्स स्थित एमसीसी संग्रहालय में अनावरण किया गया। यह तस्वीर ब्रिटिश कलाकार स्टुअर्ट पियर्सन राइट द्वारा बनाई गई है और इसमें सचिन के बस्ट (छाती तक की छवि) को बेहद बारीकी से दर्शाया गया है।
यह पेंटिंग वर्ष 2006 में मुंबई स्थित सचिन के आवास पर खींची गई एक तस्वीर पर आधारित है। यह पोर्ट्रेट इस वर्ष के अंत तक लॉर्ड्स के ऐतिहासिक पवेलियन में स्थानांतरित किया जाएगा।
एमसीसी संग्रह में भारतीय खिलाड़ियों की पांचवीं तस्वीरएमसीसी द्वारा सचिन की यह तस्वीर संग्रहित की गई पांचवीं भारतीय खिलाड़ी की पेंटिंग है। इससे पहले कपिल देव, बिशन सिंह बेदी और दिलीप वेंगसरकर की तस्वीरें भी इसी संग्रह का हिस्सा बन चुकी हैं। खास बात यह है कि इन तीनों चित्रों को भी पियर्सन राइट ने ही बनाया था।
सचिन की यह तस्वीर एकमात्र ऐसी है जो केवल उनके बस्ट को दिखाती है, जबकि अन्य चित्रों में पूरे शरीर को दर्शाया गया है। पियर्सन ने बताया कि इस बार एमसीसी कुछ अलग चाहती थी, इसलिए उन्होंने खासतौर पर सचिन के चेहरे और भावों पर फोकस किया।
जैसे जीवन का एक चक्र पूरा हुआ होतस्वीर के अनावरण के बाद सचिन तेंदुलकर ने मैच से पूर्व लॉर्ड्स की घंटी बजाई, जो क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित परंपराओं में से एक मानी जाती है। उन्होंने कहा, 1983 में जब भारत ने विश्व कप जीता, तब मैंने पहली बार कपिल देव को लॉर्ड्स में ट्रॉफी उठाते देखा था। उसी पल से मेरा क्रिकेट करियर प्रेरित हुआ। और आज, मेरी तस्वीर लॉर्ड्स के पवेलियन में लग रही है — यह मेरे लिए एक भावनात्मक क्षण है, मानो जीवन का एक चक्र पूरा हो गया हो।
लॉर्ड्स की घंटी बजाने की परंपराबता दें कि लॉर्ड्स की घंटी बजाने की परंपरा वर्ष 2007 में शुरू हुई थी। यह सम्मान केवल उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने क्रिकेट में ऐतिहासिक योगदान दिया हो। इस अवसर पर सचिन को यह सम्मान भी प्राप्त हुआ।
2013 में क्रिकेट से संन्यास लेने वाले तेंदुलकर तीनों फॉर्मेट में कुल 34,357 रन बना चुके हैं और रिकॉर्ड 100 अंतरराष्ट्रीय शतक उनके नाम हैं। वे अब भी क्रिकेट इतिहास के सबसे अधिक रन और शतक बनाने वाले खिलाड़ी हैं।
एमसीसी का कला संग्रह: खेल और संस्कृति का संगमएमसीसी का यह पोर्ट्रेट प्रोजेक्ट पिछले 30 वर्षों से जारी है, लेकिन लॉर्ड्स का कला संग्रह विक्टोरियन युग तक जाता है। इस संग्रह में 3,000 से अधिक कलाकृतियां हैं, जिनमें से लगभग 300 पोर्ट्रेट शामिल हैं। यह संग्रह विश्व के सबसे समृद्ध खेल कला संग्रहों में गिना जाता है।
एमसीसी की संग्रह और कार्यक्रम प्रबंधक चार्लोट गुडह्यू ने कहा, सचिन तेंदुलकर जैसे विश्वविख्यात खिलाड़ी का चित्र संग्रहालय में शामिल करना एक गर्व का क्षण है। यह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा।