ई-सिगरेट विवाद में घिरे रियान पराग, क्या हो सकती है जेल? जानिए भारत का सख्त कानून

Riyan Parag से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद क्रिकेट जगत में नई बहस छिड़ गई है। इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में Rajasthan Royals के कप्तान के रूप में खेल रहे पराग अब एक विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं। दरअसल, Indian Premier League 2026 के दौरान पंजाब किंग्स के खिलाफ मुकाबले के बाद ड्रेसिंग रूम का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह कथित तौर पर ई-सिगरेट का उपयोग करते दिखे। यह घटना इसलिए गंभीर मानी जा रही है क्योंकि भारत में ई-सिगरेट पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से फैलने के बाद अब माना जा रहा है कि इस मामले में Board of Control for Cricket in India को कड़ा रुख अपनाना पड़ सकता है।

इस पूरे मामले का कानूनी पहलू भी कम अहम नहीं है। भारत सरकार ने वर्ष 2019 में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने के लिए सख्त कानून लागू किया था। इस कानून के तहत ई-सिगरेट का निर्माण, बिक्री, वितरण और यहां तक कि प्रचार भी गैरकानूनी है। अगर कोई व्यक्ति पहली बार दोषी पाया जाता है, तो उसे एक साल तक की सजा या एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में पराग का यह वीडियो सामने आने के बाद कानूनी कार्रवाई की आशंका भी जताई जा रही है। क्रिकेट से जुड़े कुछ जानकारों का मानना है कि कैमरों से भरे माहौल में इस तरह का व्यवहार बेहद लापरवाही भरा है।
खबरों के मुताबिक, कई खिलाड़ी निजी तौर पर ई-सिगरेट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सार्वजनिक जगहों या ड्रेसिंग रूम जैसे क्षेत्रों में ऐसा करना जोखिम भरा होता है। एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि इतने कैमरों के बीच इस तरह की गतिविधि सामने आना किसी भी खिलाड़ी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। खासकर तब, जब वह एक टीम का कप्तान हो और लाखों युवा उसे अपना आदर्श मानते हों। ऐसे में यह मामला सिर्फ नियमों के उल्लंघन का ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की जिम्मेदारी से भी जुड़ जाता है।

इस बीच, ड्रेसिंग रूम की प्राइवेसी को लेकर भी एक अलग बहस छिड़ गई है। जानकारी के अनुसार, टूर्नामेंट शुरू होने से पहले मुंबई में कप्तानों की बैठक में यह मुद्दा उठाया गया था कि लाइव प्रसारण के दौरान कैमरों को ड्रेसिंग रूम की ओर घुमाया जाता है, जिससे खिलाड़ियों की निजता प्रभावित होती है। हालांकि, यह मुद्दा सीधे तौर पर ई-सिगरेट से जुड़ा नहीं था, बल्कि खिलाड़ियों की निजी जगह को लेकर चिंता जताई गई थी। कई बार खिलाड़ी उस समय कैमरे में कैद हो जाते हैं जब वे पूरी तरह तैयार नहीं होते या आराम की स्थिति में होते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि ड्रेसिंग रूम के अंदर की फुटेज दिखाने का अधिकार किसके पास है। इस संबंध में आईपीएल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह फैसला बीसीसीआई नहीं, बल्कि प्रसारणकर्ता का होता है। हालांकि, इस घटना के बाद इस नीति की समीक्षा की संभावना जताई जा रही है। ई-सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 के तहत स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति ई-सिगरेट से जुड़े किसी भी प्रकार के उत्पादन, व्यापार या प्रचार में शामिल नहीं हो सकता। ऐसे में अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और इससे खेल जगत में क्या संदेश जाता है।