नागपुर के नंदनवन इलाके में देर रात तक उत्साह का माहौल बना रहा, जहां क्रिकेट फैंस युवा तेज गेंदबाज प्रफुल्ल प्रकाश हिंगे की चर्चा में डूबे नजर आए। अपने पहले ही आईपीएल मैच में हैदराबाद की ओर से खेलते हुए प्रफुल्ल ने ऐसा धमाका किया कि पूरे स्टेडियम में हलचल मच गई। उन्होंने अपने पहले ही ओवर में तीन विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया और अचानक ही सुर्खियों में आ गए। छह मिनट से भी कम समय के अपने इस ओवर में उन्होंने दूसरे, चौथे और छठे गेंद पर विकेट चटकाकर सनसनी फैला दी। उनके शिकार बने वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल और लुहान ड्रि प्रिटोरियस जैसे इन-फॉर्म बल्लेबाज। इसके बाद उन्होंने अपने दूसरे ओवर की छठी गेंद पर कप्तान रियान पराग को भी पवेलियन भेजकर अपना चौथा विकेट हासिल किया।
मैच खत्म होने के बाद प्रफुल्ल प्रकाश हिंगे ने ब्रॉडकास्टर STAR SPORTS से बातचीत में अपने प्रदर्शन और सोच को लेकर खुलकर बात की। मैन ऑफ द मैच (4-0-34-4) रहे प्रफुल्ल ने कहा कि उन्होंने मैच से पहले ही खुद से उम्मीद की थी कि वे चार या पांच विकेट निकाल सकते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने 13 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था और उसी समय अपने पिता से कहा था कि वह इसी खेल में करियर बनाना चाहते हैं। प्रफुल्ल ने यह भी साझा किया कि उनके लिए वैभव सूर्यवंशी का विकेट सबसे खास था और उन्होंने अपने दोस्तों से पहले ही कह दिया था कि वह पहली ही गेंद पर बाउंसर डालकर उन्हें आउट करने की कोशिश करेंगे।
स्टार स्पोर्ट्स पर मौजूद पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने भी प्रफुल्ल की तारीफ करते हुए कहा कि शुरुआत में वह बल्लेबाज बनना चाहते थे, लेकिन उनके पिता ने उन्हें तेज गेंदबाज बनने के लिए प्रेरित किया। सिद्धू के मुताबिक, जिस समय सबकी नजरें वैभव सूर्यवंशी पर थीं, उस समय प्रफुल्ल ने तीन बड़े और इन-फॉर्म बल्लेबाजों को आउट कर मैच का पासा पलट दिया।
यह कहानी सिर्फ एक शानदार डेब्यू की नहीं, बल्कि सालों की मेहनत और संघर्ष की भी है। उनके करीबी दोस्त और विदर्भ क्रिकेट तथा WPL में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर से जुड़े साइड आर्मर यश थोराट ने बताया कि यह प्रदर्शन अचानक नहीं आया, बल्कि इसके पीछे लगभग 10 साल की कड़ी मेहनत है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से प्रफुल्ल को आईपीएल में मौका नहीं मिल पा रहा था, लेकिन आखिरकार हैदराबाद ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा और उन्होंने अपने पहले ही मैच में खुद को साबित कर दिया।
यश थोराट ने एक और भावुक करने वाला किस्सा साझा किया और बताया कि प्रफुल्ल ने अपनी बहन की शादी के दिन भी क्रिकेट प्रैक्टिस और ट्रायल्स को प्राथमिकता दी थी। उन्होंने आधे दिन की छुट्टी लेकर मुंबई में ट्रायल्स दिए और बहन की शादी के रिसेप्शन वाले दिन भी हैदराबाद टीम के ट्रायल का हिस्सा बने रहे। यह उनके समर्पण और जुनून को दर्शाता है।
यश ने आगे बताया कि प्रफुल्ल के इस सफर में उनके माता-पिता का भी अहम योगदान रहा है। उनके पिता बिजली विभाग से रिटायर हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा बेटे के सपनों को समर्थन दिया और हर कदम पर साथ खड़े रहे।
प्रफुल्ल की फिटनेस और मेहनत को लेकर भी यश ने कई बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि प्रफुल्ल कभी भी आराम नहीं करते, रोजाना जिम और प्रैक्टिस उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। वे अपने खान-पान और डाइट का भी विशेष ध्यान रखते हैं। यश के मुताबिक, इस सफलता के पीछे पूर्व क्रिकेटर वरुण एरॉन का भी बड़ा योगदान है, जिन्होंने उनका वीडियो देखकर उन्हें चेन्नई स्थित MRF अकादमी में तराशने में मदद की। वहां लगभग छह महीने की ट्रेनिंग ने उनकी गेंदबाजी को नया आकार दिया।
हैदराबाद के कप्तान ईशान किशन ने भी मैच में उनका हौसला बढ़ाते हुए पहले ओवर की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी, और प्रफुल्ल ने उस भरोसे को पूरी तरह सही साबित किया। राजस्थान के खिलाफ अपने पहले ही ओवर में उन्होंने बेहतरीन लाइन और लेंथ के साथ तीन प्रमुख बल्लेबाजों को आउट कर दिया। आईपीएल के 18 सीजन के इतिहास में जो कारनामा पहले कोई गेंदबाज नहीं कर सका था, वह प्रफुल्ल ने अपने डेब्यू मैच में कर दिखाया और सपनों जैसा आगाज किया।
प्रफुल्ल प्रकाश हिंगे घरेलू क्रिकेट में विदर्भ की ओर से खेलने वाले एक उभरते हुए भारतीय तेज गेंदबाज हैं। उन्होंने 2024 में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया और 2025-26 सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मैचों में 27 विकेट झटके। वह विदर्भ की विजय हजारे ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा भी रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में रहकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी गेंदबाजी को और निखारा, जहां उन्हें जॉश हेजलवुड जैसे दिग्गज गेंदबाजों के साथ अभ्यास का मौका मिला। प्रफुल्ल उमेश यादव की गेंदबाजी से भी काफी प्रेरित बताए जाते हैं और लगातार अपने खेल को निखारते जा रहे हैं।