भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ में लॉर्ड्स टेस्ट के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने आईसीसी पर तीखा सवाल उठाया है कि क्यों स्लो ओवर रेट के लिए सिर्फ इंग्लैंड को ही सज़ा दी गई, जबकि दोनों टीमों का ओवर रेट समान रूप से खराब था।
लॉर्ड्स टेस्ट में भारत को 22 रन से हार, इंग्लैंड पर जुर्मानातीसरा टेस्ट मुकाबला लॉर्ड्स में खेला गया था जिसमें भारतीय टीम को 22 रन से हार का सामना करना पड़ा था। इस मैच के बाद आईसीसी ने इंग्लैंड टीम पर मैच फीस का 10% जुर्माना और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में 2 अंक की कटौती का ऐलान किया। आरोप था कि इंग्लैंड ने निर्धारित समय में पर्याप्त ओवर नहीं फेंके।
माइकल वॉन ने ICC पर उठाया सवालमाइकल वॉन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा: “सच कहूं तो लॉर्ड्स में दोनों टीमों का ओवर रेट बहुत ही खराब था. सिर्फ एक टीम को फटकार कैसे लगाई गई, यह मेरी समझ से परे है.”
वॉन का मानना है कि ICC का यह फैसला एकतरफा है और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इशारा किया कि भारत को किसी तरह की सजा नहीं दी गई, जबकि दोनों ही टीमें ओवर रेट को लेकर दोषी थीं।
ICC नियमों के अनुसार जुर्माना और अंक कटौतीआईसीसी के आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत यदि कोई टीम ओवर रेट में पीछे रहती है तो हर ओवर कम के लिए 5% मैच फीस का जुर्माना लगाया जाता है। साथ ही WTC नियमों के अनुच्छेद 16.11.2 के अनुसार हर ओवर कम के लिए 1 अंक भी काटा जाता है।
लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड को इन दोनों ही प्रावधानों के तहत दंडित किया गया, लेकिन टीम इंडिया पर कोई कार्रवाई नहीं की गई – इसी पर वॉन ने आपत्ति जताई।
23 जुलाई से मैनचेस्टर में चौथा टेस्टभारत और इंग्लैंड अब सीरीज़ के चौथे टेस्ट के लिए मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला 23 जुलाई से शुरू होगा। दोनों ही टीमें तैयारियों में जुटी हैं, लेकिन इंग्लैंड खेमे में इस मुद्दे को लेकर नाराज़गी साफ़ झलक रही है।
क्या ICC की कार्रवाई पक्षपातपूर्ण है?इस विवाद ने एक बार फिर से ICC की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। माइकल वॉन जैसे दिग्गज का सामने आकर बयान देना ये दर्शाता है कि विश्व क्रिकेट में अब सिर्फ नियम लागू करना नहीं, बल्कि उन्हें निष्पक्ष रूप से लागू करना भी उतना ही जरूरी है।
आगामी मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ICC इस विवाद पर कोई स्पष्टीकरण देता है या नहीं। साथ ही क्या टीम इंडिया पर भी इसी तरह के मामलों में कार्रवाई होती है या नहीं – यह बात आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगी।