भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की यूथ वनडे सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली है, हालांकि अंतिम मुकाबले में उसे सात विकेट से करारी हार झेलनी पड़ी। सोमवार को खेले गए पांचवें और अंतिम मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत द्वारा दिए गए 211 रनों के लक्ष्य को 113 गेंदें शेष रहते ही हासिल कर लिया।
भारतीय पारी की धीमी शुरुआत, शीर्ष क्रम रहा फ्लॉपभारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन उसकी शुरुआत बेहद खराब रही। केवल 9 रन के स्कोर पर टीम ने कप्तान आयुष म्हात्रे (1) और सलामी बल्लेबाज विहान मल्होत्रा (1) के विकेट गंवा दिए। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने 42 गेंदों में 33 रन बनाकर कुछ हद तक पारी को संभालने का प्रयास किया। उन्होंने राहुल कुमार (21) के साथ मिलकर 51 रनों की अहम साझेदारी की, लेकिन दोनों बल्लेबाज अपनी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल सके।
अंबरीश की संघर्षपूर्ण पारी से भारत पहुंचा 210 तकपारी के मध्यक्रम में विकेटकीपर हरवंश पंगालिया (24), कनिष्क चौहान (24) और दीपेश देवेंद्रन (0) लगातार आउट होते रहे, जिससे भारत की स्थिति कमजोर होती गई। अंततः आरएस अंबरीश ने 81 गेंदों में छह चौकों की मदद से 66 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेलकर भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उनकी बदौलत भारत 50 ओवरों में 9 विकेट पर 210 रन बना पाया।
इंग्लैंड की जवाबी पारी में दबदबा, बेन मेयस ने खेली मैच विनिंग पारीलक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम ने बेहद आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। सलामी बल्लेबाज बेन मेयस ने 76 गेंदों में नाबाद 82 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा। उनके साथ बीजे डॉकिन्स ने 53 गेंदों में 66 रन की विस्फोटक पारी खेली। अंत में कप्तान थॉमस रेव ने 37 गेंदों में नाबाद 49 रन बनाकर टीम को 7 विकेट से जीत दिला दी।
भारतीय गेंदबाजों का साधारण प्रदर्शनभारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के आक्रमण के सामने बेअसर साबित हुए। लेग स्पिनर नमन पुष्पक ने 65 रन देकर दो विकेट लिए, जबकि दीपेश देवेंद्रन ने सात ओवरों में 34 रन देकर एक विकेट हासिल किया। बाकी गेंदबाज विकेट लेने में नाकाम रहे।
इंग्लैंड के गेंदबाजों ने भी रखा दबावइंग्लैंड की ओर से एलेक्स फ्रैंच और राल्फी एलबर्ट ने दो-दो विकेट झटके। वहीं मैथ्यू फिरबैंक, सेबस्टियन मॉर्गन, एलेक्स ग्रीन और एकांश सिंह को एक-एक विकेट मिला। गेंदबाजी की बदौलत इंग्लैंड ने भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।