फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन के खिलाफ 1-0 की हार के बाद अर्जेंटीना की निराशा मैदान पर भी देखने को मिली। रविवार (19 जुलाई) को खेले गए खिताबी मुकाबले की अंतिम सीटी बजते ही दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तनावपूर्ण माहौल बन गया और देखते ही देखते बहस हाथापाई में बदल गई। अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पारेडेस की स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया और मिडफील्डर गेवी के साथ तीखी झड़प हुई। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने दोनों खिलाड़ियों का गला पकड़ लिया। मैच समाप्त होने के बाद रेफरी ने पारेडेस को रेड कार्ड दिखाया, जबकि अब फीफा ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। यदि खिलाड़ी दोषी पाए जाते हैं तो उन पर कम से कम तीन मुकाबलों के प्रतिबंध की तलवार लटक सकती है।
मामले की जांच के लिए फीफा ने बनाई विशेष समितिमीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फीफा की डिसिप्लिनरी कमेटी ने घटना की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है। यह टीम मैदान पर हुई झड़प और खिलाड़ियों के आचरण की विस्तार से समीक्षा करेगी। यदि जांच में हिंसक व्यवहार या अनुशासनहीनता की पुष्टि होती है, तो फीफा के अनुशासनात्मक नियमों के अनुच्छेद-14 के तहत संबंधित खिलाड़ियों पर न्यूनतम तीन मैचों का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसके अलावा आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है और अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
अंतिम सीटी बजते ही बिगड़ गया माहौलफिलहाल दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच विवाद किस वजह से शुरू हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मैच समाप्त होने की सीटी बजते ही स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया मैदान पर गिर पड़े। जैसे ही वह उठे, उनकी अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पारेडेस से तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ ही क्षणों में विवाद बढ़ गया और पारेडेस ने कथित तौर पर गार्सिया की गर्दन पकड़कर उन्हें धक्का दे दिया। इसी दौरान गेवी भी बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन उनके साथ भी धक्का-मुक्की हुई। इसके अलावा रिपोर्ट्स के मुताबिक अर्जेंटीना के डिफेंडर नाहुएल मोलिना ने भी मैच खत्म होने के बाद स्पेन के एक स्थानापन्न खिलाड़ी के पेट में मुक्का जड़ दिया, जिससे मैदान का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
16 साल बाद स्पेन ने फिर जीता विश्व कप का ताजदूसरी ओर स्पेन ने 16 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल में स्पेन ने गत विश्व चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से शिकस्त देकर इतिहास रच दिया। पूरे निर्धारित समय तक दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं और मुकाबला बेहद कांटे का रहा। आखिरकार अतिरिक्त समय में स्पेन के स्टार फॉरवर्ड फेरन टोरेस ने निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। यही गोल खिताबी मुकाबले का फैसला साबित हुआ और स्पेन ने शानदार जीत के साथ विश्व फुटबॉल का सबसे प्रतिष्ठित खिताब दोबारा अपने नाम कर लिया।