लगातार तीसरे सीजन प्लेऑफ से दूर CSK, MS Dhoni की गैरमौजूदगी ने तोड़ा फैंस का दिल

आईपीएल 2026 का सफर Chennai Super Kings के लिए बेहद निराशाजनक अंदाज में खत्म हुआ। पांच बार की चैंपियन टीम को अपने आखिरी लीग मुकाबले में Gujarat Titans के खिलाफ 89 रनों की बड़ी हार झेलनी पड़ी, जिसके साथ ही प्लेऑफ में पहुंचने की उनकी बची-खुची उम्मीदें भी समाप्त हो गईं। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 229/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जबकि जवाब में चेन्नई की टीम सिर्फ 13.4 ओवर में 140 रन पर सिमट गई।

यह हार कई मायनों में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए बेहद दर्दनाक रही। रनों के अंतर के लिहाज से यह CSK की आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी हार साबित हुई। इस हार के साथ चेन्नई की टीम 12 अंकों पर ही रुक गई और टूर्नामेंट से बाहर होने वाली तीसरी टीम बन गई। इससे पहले Mumbai Indians और Lucknow Super Giants की टीमें भी प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं।

लगातार तीसरे साल प्लेऑफ में नहीं पहुंच सकी चेन्नई

Chennai Super Kings के लिए यह लगातार तीसरा सीजन रहा जब टीम प्लेऑफ तक पहुंचने में नाकाम रही। कप्तान Ruturaj Gaikwad की अगुवाई में टीम ने 14 मुकाबलों में सिर्फ 6 जीत दर्ज कीं, जबकि 8 मैचों में हार का सामना करना पड़ा।

आईपीएल 2025 में खराब प्रदर्शन के बाद फ्रेंचाइजी ने टीम में कई बदलाव किए थे और नए खिलाड़ियों के साथ वापसी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन हालात ज्यादा नहीं बदले। पिछले सीजन चेन्नई अंक तालिका में सबसे नीचे रही थी, जबकि 2024 में टीम पांचवें स्थान पर रहकर प्लेऑफ से चूक गई थी।

चेन्नई सुपर किंग्स ने आखिरी बार आईपीएल ट्रॉफी 2023 में जीती थी, जब उन्होंने फाइनल में गुजरात टाइटंस को हराकर खिताब अपने नाम किया था। लेकिन उसके बाद से टीम लगातार संघर्ष करती नजर आ रही है।
MS Dhoni की गैरमौजूदगी ने तोड़ा फैंस का दिल

इस सीजन सबसे ज्यादा चर्चा MS Dhoni को लेकर रही। फैंस पूरे टूर्नामेंट में धोनी को मैदान पर देखने का इंतजार करते रहे, लेकिन 44 वर्षीय दिग्गज खिलाड़ी चोट के कारण एक भी मुकाबला नहीं खेल सके।

आईपीएल इतिहास में यह पहली बार हुआ जब धोनी ने पूरे सीजन में एक भी मैच नहीं खेला। 2008 में लीग की शुरुआत से ही वह चेन्नई सुपर किंग्स का अहम हिस्सा रहे हैं और उनकी मौजूदगी हमेशा टीम की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती रही है।

हालांकि 2016 और 2017 में जब CSK पर दो साल का प्रतिबंध लगा था, तब धोनी ने Rising Pune Supergiant के लिए खेला था। लेकिन इसके अलावा उन्होंने हर सीजन चेन्नई की जर्सी में ही मैदान पर कदम रखा। इस बार उनकी गैरमौजूदगी ने फैंस को काफी निराश किया।

पावरप्ले में ही बिखर गई CSK की बल्लेबाजी

अगर गुजरात के खिलाफ मुकाबले की बात करें तो चेन्नई सुपर किंग्स शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। पावरप्ले के दौरान टीम ने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए, जिससे मैच लगभग वहीं हाथ से निकल गया।

Sanju Samson बिना खाता खोले आउट हो गए, जबकि उर्विल पटेल भी अपना खाता नहीं खोल सके। लगातार विकेट गिरने से टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई।

हालांकि निचले क्रम में Shivam Dube ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए 17 गेंदों में 47 रन बनाए और कुछ समय के लिए मुकाबले में वापसी की उम्मीद जगाई। लेकिन उनके आउट होते ही पूरी पारी फिर बिखर गई और चेन्नई की हार तय हो गई।

गुजरात के गेंदबाजों ने किया कमाल

Gujarat Titans के गेंदबाजों ने इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। Mohammed Siraj, Rashid Khan और Kagiso Rabada ने तीन-तीन विकेट लेकर चेन्नई की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस के 18 अंक हो गए हैं और टीम ने टॉप-2 में अपनी दावेदारी को और मजबूत कर लिया है।