भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज़ का पांचवां और अंतिम मुकाबला जहां रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है, वहीं भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज की मेहनत और समर्पण एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मुकाबले में सिराज ने न सिर्फ गेंदबाज़ी की कमान संभाली बल्कि लगातार 180 ओवर से अधिक गेंदबाज़ी करते हुए यह जता दिया कि वे अब भारतीय तेज़ आक्रमण की रीढ़ बन चुके हैं।
हाल ही में भारतीय टीम के गेंदबाज़ी कोच मॉर्ने मोर्कल ने एक खुलासा किया है जिसने क्रिकेट प्रेमियों को भावुक कर दिया। उन्होंने बताया कि सीरीज़ से पहले जब उन्होंने सिराज से उनकी थकान को लेकर बात की, तो सिराज ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया—सर, मैं थकता नहीं। जब तक टीम को जरूरत हो, मैं गेंदबाज़ी करता रहूंगा।” इस जवाब ने न केवल कोच को प्रभावित किया, बल्कि क्रिकेट प्रेमियों को भी सिराज के प्रति और अधिक सम्मान से भर दिया है।
ओवल टेस्ट से पहले सिराज ने सीरीज़ में अब तक 20 विकेट हासिल किए थे, जो दर्शाता है कि उन्होंने पूरे दौरे में कितनी मेहनत और निरंतरता दिखाई है। जब जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज गेंदबाज़ इस सीरीज़ से बाहर रहे, उस वक्त सिराज ने जिम्मेदारी उठाई और खुद को टीम इंडिया का अगला spearhead साबित कर दिखाया।
मॉर्ने मोर्कल, जो स्वयं एक शानदार तेज़ गेंदबाज़ रह चुके हैं, ने यह भी कहा कि सिराज की गेंदबाज़ी में न सिर्फ गति है, बल्कि वह अब मानसिक रूप से भी परिपक्व हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिराज में एक ऐसा जुनून है जो किसी भी कोच को प्रेरित कर सकता है।
सिराज की यह सोच और समर्पण उस समय और महत्वपूर्ण हो जाता है जब मौजूदा युग में खिलाड़ी workload management की बात करते हैं और अकसर रोटेशन पर रहते हैं। लेकिन सिराज का यह रवैया बताता है कि उनमें क्रिकेट के प्रति एक अलग ही लगन और जुनून है।
भारतीय क्रिकेट में तेज़ गेंदबाज़ी के क्षेत्र में सिराज ने जो भरोसा जगाया है, वह आने वाले वर्षों में टीम इंडिया के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी के साथ मिलकर सिराज भविष्य में भारतीय आक्रमण की धुरी बन सकते हैं।
ओवल टेस्ट में सिराज की भूमिका न केवल गेंदबाज़ के रूप में, बल्कि एक टीम मैन के रूप में भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनके प्रदर्शन से यह भी स्पष्ट है कि सिराज ने न केवल अपनी गेंदबाज़ी में सुधार किया है, बल्कि मानसिक तौर पर भी वे अब बड़े मैच खिलाड़ी बन चुके हैं।
इस बात में कोई दोराय नहीं कि सिराज जैसे खिलाड़ी टीम इंडिया के लिए एक प्रेरणा हैं, जो मुश्किल हालात में भी न सिर्फ मैदान में डटे रहते हैं बल्कि अपने प्रदर्शन से टीम की उम्मीदों पर खरे उतरते हैं।