आज 21 दिसंबर 2020 को साल का सबसे छोटा दिन है और सबसे लंबी रात रहने वाली है। इस खगोलीय घटना को विंटर सॉल्सटिस (Winter solstice) कहा जाता है। पिछले साल विंटर सॉल्सटिस 22 दिसंबर को पड़ा था। इससे पहले 2017 में भी विंटर सॉल्सटिस 21 दिसंबर को ही पड़ा था। सूर्य आज अपने दक्षिणतम बिंदु पर होगा, तब दोपहर के समय अपने निम्नतम बिंदु पर सूर्य नजर आएगा। ये वो समय होता है जब सूर्य की किरणें बहुत कम समय के लिए पृथ्वी पर रहती हैं। सूर्य की मौजूदगी करीब 8 घंटे रहती और इसके अस्त होने के बाद लगभग 16 घंटे की रात रहती है। इस घटना के बाद पृथ्वी पर चंद्रमा की रोशनी ज्यादा देर तक रहने लगती है। जबकि सूर्य बहुत कम समय तक अपनी रोशनी पृथ्वी पर बिखेर पाता है। सूर्योदय और सूर्यास्त का सही समय टाइम जोन और भौगोलिक स्थिति पर भी निर्भर करता है। विंटर सॉल्सटिस से सर्दियां बढ़नी शुरू हो जाती हैं। आज से नॉर्थ हेमीस्फेयर में सर्दियों की शुरुआत और साउथ हेमीस्फेयर में गर्मियों की शुरुआत मानी जाती है।
क्यों होता है Winter solstice Winter solstice इसलिए होता है क्योंकि पृथ्वी अपने घूर्णन के अक्ष पर लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई होती है। दरअसल धरती ही नहीं बल्कि, सोलर सिस्टम का हर ग्रह अलग-अलग एंगल पर झुका हुआ है। हमारी धरती भी अपने एक्सिस पर 23.5 डिग्री झुकी हुई है। धरती के अपने एक्सिस पर झुके होने, उसके अपनी धुरी पर चक्कर लगाने जैसे फैक्टर्स के कारण किसी एक जगह पड़ने वाली सूर्य की किरणों का समय साल के अलग-अलग दिन अलग होता है।
बता दें कि दिसंबर विंटर सॉल्सटिस के दिन जब सूर्य की सीधी किरणें भूमध्य रेखा के दक्षिण की ओर मकर रेखा के साथ पहुंचती हैं तो उत्तरी गोलार्ध में यह दिसंबर संक्रांति और दक्षिणी गोलार्ध में इसे जून संक्रांति के रूप में जाना जाता है।
Summer solstice :Winter solstice के विपरीत 20 से 23 जून के बीच Summer solstice भी मनाया जाता है। यह साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है। वहीं 21 मार्च और 23 सितंबर को दिन और रात का समय बराबर होता है।
देश के कई हिस्सों में पारा शून्य से नीचेवहीं, आज के मौसम की बात करे तो देश के कई हिस्सों में पारा शून्य से नीचे जा चुका है। ऐसे में इन क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। कुछ इलाकें शीतलहर की चपेट में है। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान जताया है। वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में हालांकि सर्दी से सोमवार को कुछ राहत मिलने की संभावना है।
घाटी में रात में पारा शून्य से नीचेकश्मीर में विभिन्न स्थानों पर न्यूनतम तापमान में रविवार को थोड़ा सुधार हुआ लेकिन घाटी में रात में पारा शून्य से नीचे बना हुआ है। वहीं 40 दिन का चिल्लई कलां का दौर सोमवार से शुरू होने जा रहा है जिस दौरान जबर्दस्त सर्दी पड़ती है। मौसम विज्ञान केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि आसमान में बादल छाए रहने की वजह से समूची कश्मीर घाटी में तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई लेकिन न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सर्दी की वजह से घाटी के कई इलाकों में पानी की लाइनें और जलाशयों में पानी जम गया। मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा है कि इस महीने के अंत तक केंद्र शासित प्रदेश में भारी बर्फबारी का अनुमान नहीं है जबकि कश्मीर के कुछ स्थानों पर सोमवार को हल्की बर्फबारी हो सकती है।
उत्तर भारत में सर्दी का प्रकोप जारीउत्तर भारत में रविवार को सर्दी का प्रकोप जारी रहा। दिल्ली में इस मौसम का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में मौसम की सबसे सर्द सुबह रही और तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। आईएमडी की ओर से बताया गया कि बर्फ से ढके पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र से चलने वाली बर्फीली हवाओं के कारण शहर में ठंड का प्रकोप बरकरार है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5-6 दिन तक दिल्ली में न्यूनतम तापमान करीब 5 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फीली हवाएं चल रही हैं और कई स्थानों पर तापमान शून्य से नीचे चला गया है। शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि लाहौल-स्पीति का प्रशासनिक केंद्र केलांग राज्य में सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है जहां तापमान शून्य से 11 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया।
पंजाब और हरियाणा में पिछले कुछ दिन से सर्द हवाओं का प्रकोप जारी है और मौसम विभाग के अनुसार आदमपुर में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया जो शून्य डिग्री सेल्सियस के स्तर पर रहा। हरियाणा में नारनौल सबसे ठंडा स्थान रहा जहां न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस मापा गया।
राजस्थान के ज्यादातर इलाकों में भी कड़ाके की सर्दी से मामूली राहत मिली है जहां बीती शनिवार रात न्यूनतम तापमान माउंट आबू में -1.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों में राजस्थान के ज्यादातर भागों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने और सोमवार से राज्य में शीतलहर से राहत मिलने का अनुमान व्यक्त किया है।