विशाखापट्टनम गैस लीक / घरों के दरवाजे तोड़कर निकाले जा रहे हैं लोग, एक हजार से ज्यादा बीमार

आंध्र प्रदेश के तटीय शहर विशाखापत्तनम में आज सुबह करीब 2:30 बजे बहुत बड़ा हादसा हुआ है। पॉलिमर कंपनी में हुए गैस रिसाव में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि हजारों लोग बीमार हैं। विजाग के पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, प्लांट में फंसे सभी लोगों को निकाल लिया गया है। पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और कई गांव खाली कराए गए हैं। लोगों की जान बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। हादसा विशाखापट्टनम से करीब 30 किलोमीटर वेंकटपुरम गांव में हुआ। एक हजार से ज्यादा लोग बीमार हैं। 3 वेंटिलेेटर पर हैं। 15 बच्चों की हालत नाजुक है।

शुरुआती रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि हादसा पॉली विनाइल क्लोराइड गैस (या स्टायरिन हो सकती है) के रिसाव के कारण हुआ। गैस के रिसाव के कारण फैक्ट्री कंपाउंड में मौजूद सैकड़ों लोग फंस गए और या तो बेहोश हो गए या सांस लेने में तकलीफ हुई।
अब तक जहरीली गैस रिसाव की वजह से 9 लोगों की मौत हो गई है। नगर निगम प्रशासन पानी ब्लोअर के माध्यम से गैस के प्रभाव को कम करने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही सार्वजनिक सेवाओं को फिलहाल रोक दिया गया है। लोगों से घरों में रहने और मास्क (पानी में गीला करने के बाद) का उपयोग करने के लिए कहा जा रहा है।

घरों के दरवाजे तोड़कर लोगों को बाहर निकाला

इसके साथ ही गोपालपट्टनम के इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। घरों के दरवाजे तोड़कर लोग बाहर निकाले जा रहे हैं। अभी तक 150 से अधिक लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिसमें दो दर्जन से अधिक लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। साथ ही पांच गांवों को खाली करा लिया गया है।

मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के साथ ही नेवी के जवान भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं। एनडीआरएफ की स्पेशल टीम लोगों का रेस्क्यू कर रही है। एनडीआरएफ के डीजी का कहना है कि लोगों की जान को बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है।आपको बता दे, जो गैस लीक हुई, वह पीवीसी यानी स्टाइरीन कहलाती है। यह न्यूरो टॉक्सिन है। इसका केमिकल फॉर्मूला C6H5CH=CH2 होता है। यह सबसे लोकप्रिय ऑर्गनिक सॉल्वेंट बेंजीन से पैदा हुआ पानी की तरह बिना रंग वाला लिक्विड होता है। इसी से गैस निकलती है। यह दम घोंट देने वाली गैस है। यह सांसों के जरिए शरीर में चली जाए तो 10 मिनट में ही असर दिखाना शुरू कर देती है। यह गैस पॉलिस्टाइरीन प्लास्टिक, फाइबर ग्लास, रबर और पाइप बनाने के प्लांट में इस्तेमाल होती है।