जयपुर में कानोता थाना पुलिस ने की कार्रवाई, टोंक व बगरु में भी वारदात कर चुके हैं बदमाशराहगीरों को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाकर लूटपाट करने वाले ढोलबाजी गैंग के दो बदमाशों को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। यह गैंग ग्रामीण इलाकों में बस स्टैंडों पर बसों और जीपों में सफर करने वाले लोगों को टारगेट करते थे। इनके कब्जे से सोने के आभूषण भी बरामद किए हैं।
जयपुर डीसीपी (पूर्व) अभिजीत सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के नाम महबूब अली (35) और इरशाद अली (29) हैं। ये दोनों मूल रुप से उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के रहने वाले हैं। इनमें महबूब अली अभी पूर्वी दिल्ली में में पुरानी झुग्गी सीमापुरी में रहता है।
बस्सी एसीपी सुरेश सांखला ने बताया कि यह गैंग ग्रामीण क्षेत्रों के बस स्टैंडों पर कार लेकर जाते हैं। इनमें एक बदमाश यात्री लेकर बस स्टैंड पर खड़ा हो जाता है। वह टारगेट को तलाश कर चिन्हित करता है। फिर बातचीत कर पता करता है कि वह यात्री कहां जाने वाला है। तब बदमाश फोन कर अपने दूसरे साथी को बुला लेता है। फिर वे दोनों उसी जगह गाड़ी लेकर जाने की बात कहकर आवाज लगाते हैं। इसके बाद यात्री को कार में बैठाकर रवाना हो जाते हैं।रास्ते में यात्री को डरा धमकाकर जेवर और रुपए लूट लेते हैं। इसी तरह, ये दिन में तीन से चार यात्रियों को कार में लिफ्ट देने के बहाने बैठाकर जेब रुपए भी चोरी करते हैं। इन बदमाशों ने 23 जनवरी को टोंक शहर में बस स्टैंड से एक महिला को बैठाकर उसका मांडल्या और कान के टॉप्स खुलवाकर भाग निकले।
इसी तरह, अजमेर रोड पर बगरु के पास एक व्यक्ति और महिला को कार में बैठा लिया। इसके बाद महिला के कानों के टॉप्स, मंगलसूत्र व मांडल्या खुलवाकर भाग निकले।बदमाशों के कानोता इलाके में आने का पता चलने पर थानाप्रभारी धीरेंद्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में टीम ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।