पाली जिले के आबूराेड सदर थाना क्षेत्र के चनार ग्राम पंचायत के भवना फली में एक रूह कंपा देने वाल हादसा घटित हुआ जिसमें पालने में झूल रही एक छह महीने की मासूम जिंदा जल गई। हादसे की सूचना मिलते ही वहां ग्रामीण एकत्रित हाे गए और बच्ची काे बचाने का प्रयास भी किया लेकिन तब तक वह पूरी तरह से जल चुकी थी। गिरवर चाैकी प्रभारी ने बताया कि सूचना मिलने पर माैके पर पहुंचे लेकिन तब तक उसकी माैत हाे चुकी थी, इस पर मृग दर्ज किया गया।
गिरवर चाैकी प्रभारी शिवपाल सिंह ने बताया कि भवना फली में मीठाराम गरासिया का झाेपड़ा है। वह मजदूरी के लिए आबूरोड गया हुआ था और घर पर उसके तीन बच्चे और पत्नी थी। शाम काे पत्नी पानी लेने चली गई। इस दाैरान चूल्हे पर कुछ पक रहा था। तभी चूल्हे की चिंगारी से अचानक झाेपड़ा जल गया। हादसे के दाैरान उसकी 6 महीने की मासूम पिंकी पालने में झूल रही थी। इस दाैरान वह भी आग की चपेट में आ गई और पूरी तरह से झुलस गई, जिससे उसकी माैत हाे गई।घर से धुआं उठता देख आस-पास के लाेग एकत्रित हाे गए। घास फूंस का झाेपड़ा हाेने और तेज हवा की वजह से अचानक से आग फैल गई। जब बच्ची काे घटना का पता चला ताे वह वहां पहुंची और आग की लपटों काे देखा चीखने व चिल्लाने लगी लेकिन आग इतनी फैल गई थी की मासूम काे बचाना मुश्किल हाे गया था। इस दाैरान घर में मीठाराम के एक साल व डेढ़ साल के दाे बच्चे घर में ही थे। लेकिन आग लगने के दाैरान वे ताे जैसे-तैसे बाहर आ गए लेकिन पिंकी हादसे का शिकार हाे गई।