राजस्थान के टोंक जिले के पचेवर थाना क्षेत्र के बरोल गांव में 12वीं कक्षा के छात्र ने आत्महत्या कर ली। प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है, और छात्र के सुसाइड नोट में दो शिक्षकों और दो सहपाठियों को जिम्मेदार ठहराया गया है।
सुसाइड नोट में न्याय की मांगछात्र अभिषेक वैष्णव का शव गांव के पास एक खेत में नीम के पेड़ से लटका मिला। उसकी पैंट की जेब में मिले सात लाइन के सुसाइड नोट में उसने प्रताड़ित करने वालों के नाम लिखे थे और दोषियों को सजा दिलाने की अपील की थी। वह राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बरोल में पढ़ता था, जहां आरोपी शिक्षक भी कार्यरत हैं।
परिजनों का विरोध और मुआवजे की मांगपरिजनों ने आरोपी शिक्षकों किशन चौधरी और गणेश चौधरी, तथा छात्रों मुकेश और रतन रोलानिया की गिरफ्तारी और ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग को लेकर विरोध जताया। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर पहले भी छात्र-छात्राओं के मामलों की अनदेखी करने और शिकायत करने वाले अभिभावकों को धमकाने का आरोप लगाया। पुलिस के आश्वासन के बाद ही परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।
सुसाइड नोट में क्या लिखा था?अभिषेक ने अपने सुसाइड नोट में लिखा: मैं अपनी जिंदगी से जा रहा हूं। मुझे परेशान कर दिया गया है, और इसके लिए स्कूल के गुरुजी और मुकेश रोलानिया व रतन रोलानिया जिम्मेदार हैं। गुरुजी का नाम किशन चौधरी (बायूंदा) और गणेश चौधरी (कैरिया) है। इन्हें सजा मिलनी चाहिए। मेरा फोन मुकेश रोलानिया और रतन रोलानिया के पास है। मैं.... से प्यार करता था। इन्हें भी सजा होनी चाहिए।
पुलिस करेगी सुसाइड नोट की गहन जांचसीओ मालपुरा आशिष प्रजापत ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर पचेवर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। डीएसपी ने आश्वासन दिया कि पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी और आवश्यक कार्रवाई होगी। अभिषेक वैष्णव के पास से मिले सुसाइड नोट को पुलिस ने कब्ज़े में लेकर जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा, सुसाइड नोट में जिन शिक्षकों, छात्रों और लड़की का जिक्र किया गया है, उनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी।
खेत में पेड़ से लटका मिला शवपचेवर थाना प्रभारी मुकेश चौधरी ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए। अभिषेक वैष्णव (16), पुत्र श्यामलाल स्वामी, जो बरोल गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था, शुक्रवार शाम स्कूल से घर लौटने के बाद बिना किसी को बताए गांव से करीब एक किमी दूर खेतों में चला गया। कुछ समय बाद ग्रामीणों ने खेत में उसे नीम के पेड़ से लटका पाया और तुरंत पुलिस व परिजनों को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
मुआवजा और नौकरी की मांग पर परिजन हुए राजीपुलिस ने अभिषेक का शव मालपुरा अस्पताल भेजा, जहां शनिवार सुबह पोस्टमार्टम किया गया। हालांकि, परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, एक करोड़ रुपए की सहायता राशि और मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर पोस्टमार्टम रुकवा दिया। कई घंटों की बातचीत के बाद दोपहर करीब दो बजे दोनों पक्षों में सहमति बनी, जिसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।