राजस्थान में शुक्रवार को कोरोना वायरस के 98 नए मामलों की पुष्टि हुई है। राज्य में कुल कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 561 हो गई है। वहीं, इसके साथ खबर है कि राजस्थान में लॉकडाउन की अवधि 30 अप्रैल तक की जा सकती है। दरअसल, एसीएस होम की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स ने सीएम को इसके संबंध में रिपोर्ट दी है। टास्क फोर्स ने इस रिपोर्ट में लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाने की सिफारिश की है। अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर फैसला करेंगे। पीएम मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में गहलोत लॉकडाउन पर अपनी राय देंगे। थूकने पर बैन
वहीं, राज्य में बढ़ते कहर के चलते सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर बैन लगा दी गई है। अगर कोई ऐसा करते पकड़ा गया तो आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिसमें पान, जर्दा और तंबाकू खाकर थूकने पर भी बैन रहेगा। बता दें कि गुजरात और महाराष्ट्र में ये कानून पहले से ही लागू है। वहां ऐसा करता पाए जाने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। सरकार ने अपने आदेश में कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी है। जिसमें व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजित स्तर पर स्वच्छता का बहुत महत्व है। सामन्य तौर पर आम लोगों द्वारा पान, तंबाकू और अन्य चबाए जाने वाले उत्पात को सार्वजनिक स्थानों पर थूक दिया जाता है। जिससे कोरोना फैलने की संभावना रहती है। इसके चलते थूकने पर बैन लगाया जा रहा है। जिसके चलते 6 माह का कारावास और जुर्माने की सजा होगी। जिसमें थानाप्राभारी लेवल पर जमानत का भी प्रावधान है। इसके अलावा धारा 54, आपदा प्रबंधन एक्ट , राजस्थान अपेडमिक एक्ट की धारा 3 में भी केस दर्ज होगा। रिसर्च के अनुसार थूक में ऐसे जर्म्स होते है जो 24 घंटों तक जिंदा रहते है और किसी वायरस से होने वाली बीमारी फैलने का सबसे बड़ा कारण है।भीलवाड़ा मॉडल लागू करने का निर्देश
इससे पहले संक्रमण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं और बांसवाड़ा समेत अन्य जिलों में भीलवाड़ा मॉडल लागू करने का निर्देश दिया है। वहीं, अजमेर में जिला प्रशासन ने जरूरतमंदों को अनाज या भोजन बांटते समय फोटो-सेल्फी लेने पर रोक लगा दी है।