ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ के पति प्रिंस फिलिप का शुक्रवार को 99 साल की उम्र में निधन हो गया। हाल में उनकी हार्ट सर्जरी हुई थी। इन्फेक्शन के बाद उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। यहां 28 दिन रहने के बाद हाल में उन्हें छुट्टी मिली थी। प्रिंस फिलिप ने जनवरी में क्वीन के साथ कोरोना वैक्सीन लगवाई थी। बकिंघम पैलेस ने यह जानकारी दी है। प्रिंस फिलिप ने 1947 में राजकुमारी एलिजाबेथ से शादी की थी। इसके पांच साल बाद वह महारानी बनी थीं। वह ब्रिटिश इतिहास में सबसे ज्यादा लंबे समय तक शासन करने वाली महारानी हैं।
प्रिंस फिलिप और महारानी एलिजाबेथ के चार बच्चे, आठ पोते-पोतियां और 10 पड़पोते-पोतियां हैं। बकिंघम पैलेस की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘बड़े ही दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि महामहिम महारानी ने अपने प्यारे पति रॉयल हाईनेस द प्रिंस फिलिप, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग के निधन की घोषणा की है। विंडसर कैसल में आज सुबह उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से अंतिम सांस ली।’
प्रिंस फिलिप के निधन के बाद ब्रिटेन के झंडे को आधा झुका दिया जाएगा। आने वाले दिनों में उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां की जाएंगी। हालांकि एक बार उन्होंने कहा था कि वह अपने अंतिम संस्कार पर बहुत ज्यादा ताम-झाम नहीं चाहते हैं। वह नहीं चाहते थे कि उन्हें वेस्टमिन्सटर हॉल में दफनाया जाए। उन्हें विंडसर कैसल के फ्रॉगमोर गार्डंस में दफनाया जाएगा। यह वही गार्डन है, जहां महारानी को टहलना पसंद था।
प्रिंस फिलिप ने 2017 में अपनी जिम्मेदारियों से रिटायरमेंट ले लिया था। इसके बाद से वह कभी-कभार ही नजर आते थे। इंग्लैंड में कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान वह लंदन में विंडसर कैसल में महारानी के साथ रह रहे थे।
जून में 100 साल के हो जातेप्रिंस फिलिप का जन्म 10 जून 1921 को ग्रीस में हुआ था। इस साल जून में ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग 100 साल के हो जाते। कोरोना महामारी के बीच उनके 100वें जन्मदिन की तैयारियां की जा रही थीं। उनका ऑपरेशन लंदन के सेंट बार्थोलोमेव अस्पताल में हुआ था। यह यूरोप का सबसे बड़ा हृदय रोग अस्पताल है।
प्रिंस फिलिप ब्रिटिश इतिहास में सबसे ज्यादा समय तक राजा रहे। साथ ही ब्रिटिश राज परिवार के सबसे बुजुर्ग पुरुष सदस्य भी थे। ग्लुक्सबर्ग राजघराने के सदस्य फिलिप का संबंध यूनानी और डैनिश राज परिवारों से था। बचपन के दौरान ही उनके परिवार को देश से निष्कासित कर दिया गया।
फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम से पढ़ाई करने के बाद 18 साल की उम्र में 1939 में ब्रिटिश शाही नौसेना में शमिल हो गए। क्वीन एलिजाबेथ से उनकी पहली मुलाकात 1934 में हुई थी। तब एलिजाबेथ की उम्र 13 साल थी। वे फिलिप की दूर की रिश्तेदार थीं। फिलिप ने दूसरे विश्वयुद्ध में भी हिस्सा लिया था।
युद्ध के बाद मिली एलिजाबेथ से शादी की इजाजतयुद्ध के बाद जॉर्ज-षष्टम ने फिलिप के साथ अपनी बेटी एलिजाबेथ से शादी की इजाजत दे दी। सगाई के ऐलान से पहले ही उन्हें अपनी यूनानी और डैनिश शाही पदवियां छोड़कर ब्रिटिश नागरिक बनना पड़ा। सगाई के 5 महीने बाद उन्होंने 20 नवंबर 1947 को एलिजाबेथ से शादी कर ली। इसके बाद उन्हें ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग की उपाधि दी गई।
1952 में एलिजाबेथ के महारानी बनने पर फिलिप ने सेना छोड़ दी। तब वह कमांडर के पद पर थे। राजगद्दी संभालने के बाद क्वीन एलिजाबेथ-II पहली बार 1961 को भारत के दौरे पर आई थीं। उनके साथ प्रिंस फिलिप भी आए थे। यहां जयपुर के राजपरिवार ने उनकी मेजबानी की थी। आखिरी बार यह शाही जोड़ा 2009 में भारत आया था।