राजस्थान में बजट घोषणा के तहत 10662 कम्प्यूटर शिक्षक पदों की भर्ती होनी हैं। लेकिन इसके उलट प्रदेश के स्कूलों के हालात बेहद खराब हैं जहां बिजली-कम्प्यूटर-इंटरनेट ही उपलब्ध नहीं हैं। केंद्र की एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली ने रिपोर्ट जारी की हैं। केंद्र सरकार द्वारा एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (यूडाइस प्लस) द्वारा देशभर में सर्वे करवाया जाता है। इनमें स्कूलों के मौजूदा संसाधनों, नामांकन सहित विभिन्न विषयों पर आंकड़े जुटाए जाते हैं। रिपोर्ट में प्रदेश के 1.06 लाख स्कूलों का डेटाबेस है। रिपोर्ट में लाइब्रेरी, टॉयलेट, इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी व्यवस्थाओं का आकलन भी है।
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 64% स्कूलों में इंटरनेट, 53% में कम्प्यूटर, 31% में बिजली नहीं है। कुल 1.06 लाख स्कूल हैं। इनमें से 65 हजार सरकारी, 41,250 निजी हैं। लोकसभा-विधानसभा अध्यक्ष, सीएम व मंत्री के गृह जिलों के 50% स्कूलों में कम्प्यूटर-इंटरनेट नहीं हैं। अब सरकार इस सत्र में ही 9862 बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक, 800 व्याख्याता की भर्ती के लिए अलग कैडर बनाकर प्रस्ताव स्वीकृत कर चुकी है, पर ये कैसे पढ़ाएंगे यह नहीं सोचा।