जयपुर : पतंगबाजी बनी जान की आफत, मांझे से कटे लोगों के हाथ-गले, छत से गिरे बच्चे

जयपुर के एमआई रोड पर एक युवक पतंग लूटने के चक्कर में दो मंजिला मकान से गिर गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, मकर संक्रांति पर पतंगबाजी के दौरान चायनीज मांझे से 32 लोगों घायल हो गए। एसएमएस ट्रमा सेंटर में गला औक हाथ कटने के 32 मरीज पहुंचे। इन सभी मामलों में प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें छुट्‌टी दे दी गई।

SMS ट्रोमा सेंटर से मिली जानकारी के मुताबिक एमआई रोड पर 18 साल का साहिल नाम का युवक छत पर पतंग लूटने के दौरान असंतुलित होकर छत से नीचे गिर गया। इससे उसके सिर के अलावा हाथ-पांव में गंभीर चोट आई। घटना के बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर आए है, जहां उसकी स्थिति ज्यादा बिगड़ने के बाद आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया। इधर ऐसा ही एक मामला झुंझुनूं से रैफर होकर आया। यहां 40 साल का मोहन नाम का एक व्यक्ति पतंगबाजी के दौरान छत से गिर गया। पहले उसे झुंझुनूं स्थित जिला अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति गंभीर होने के बाद जयपुर रैफर किया गया। इस व्यक्ति की भी स्थिति गंभीर होने के बाद डॉक्टरों ने इसे आईसीयू वार्ड में भर्ती किया।
किसी की कटी गर्दन तो किसी की नाक, प्राथमिक उपचार के बाद सभी को छुट्‌टी

इधर जयपुर में पूरे दिनभर में पतंगबाजी में उपयोग लिए मांझे से कई लोगों के गर्दन, नाक, मुंह, पलखे और हाथ कट गए। ऐसे मामले में आए मरीज ज्यादा गंभीर नहीं थी, जिन्हे प्राथमिक उपचार के बाद हाथों-हाथ छुट्टी दे दी गई। इस तरह के 32 मामले एसएमएस के ट्रोमा सेंटर में आए।100 से ज्यादा घायल पक्षियों का इलाज किया

पतंगबाजी से खामियाजा आमजन के साथ परिंदों को भी भुगतना पड़ा। जयपुर में बुधवार को 100 से ज्यादा पक्षियों के घायल होने की जानकारी मिली, जिन्हे शहर के अलग-अलग स्थानों पर बने बर्ड रेस्क्यू सेंटरों पर उपचार के लिए लाया गया। प्रदेश में पशु कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत वर्ल्ड संगठन की ओर से आज पशुपालन विभाग द्वारा स्थापित शहर में 16 ‘क्षेत्रीय बर्ड रेस्क्यू सेन्टर’ अपनी सेवाएं देकर 100 से ज्यादा घायल पक्षियों का इलाज किया।