दिल्ली की जनता प्रदूषण से राहत देने के लिए आज से ऑड इवन स्कीम (Odd Even Formula) शुरू हो गई है। वायु प्रदूषण (Air Pollution) से लगभग गैस चैंबर में तब्दील हो चुकी राजधानी में लोगों का दम घुट रहा है। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 3 सालों में सबसे खराब स्तर पर चला गया है। ऐसे में केजरीवाल सरकार को उम्मीद है कि इस फॉर्मूले से दिल्ली की सड़कों पर गाड़ियां कम निकलेगी, लिहाजा धुआं भी कम निकलेगा और पहले से ही भयानक खतरनाक हो चुकी दिल्ली की हवा कुछ हद तक सांस लेने लायक बची रहेगी। बता दे, केजरीवाल सरकार ने सभी स्कूलों में 5 नवंबर तक छुट्टी घोषित कर दी है और लोगों को घर से बाहर कम से कम निकलने की सलाह दी है।
दिल्ली में ऑड-इवन फार्मूला तीसरी बार लागू किया जा रहा है। लिहाजा आप इस सिस्टम से कुछ-कुछ जरूर परिचिति होंगे। फिर भी हम आपको विस्तार से बताते हैं कि कौन सी तारीख को किस नंबर की कार लेकर आप दिल्ली की सड़कों पर निकलें ताकि आपको भारी-भरकम जुर्माना न भरना पड़े। ये स्कीम 4 से 15 नवंबर तक लागू रहेगा। अगर आपकी गाड़ी के नंबर प्लेट का आखिरी नंबर इवन यानी 2,4,6,8,0 है, तो आप अपनी कार को 4, 6, 8, 10, 12 और 14 तारीख को निकाल सकेंगे। वहीं, अगर आपकी गाड़ी के नंबर प्लेट का आखिरी नंबर ऑड यानी 1,3,5,7,9 है तो आप 5, 7, 9, 11, 13 और 15 तारीख को अपनी कार सड़कों पर निकाल सकेंगे। नियम तोड़ने पर 4000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा। ऑड-इवन सिस्टम से टू-व्हीलर और कॉमर्शियल वाहनों को छूट दी गई है।
इन्हें दी गई है छूटइस नियम से आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस, फायर सर्विस को छूट मिलेगी। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की गाड़ियां भी इस नियम के दायरे से बाहर है। इसके अलावा दिव्यांगों को भी नियम से छूट देने का फैसला किया गया है। ऑड-इवन सिस्मट पेट्रोल-डीजल समेत सीएनसी से चलने वाली गाड़ियों पर भी लागू होगा। यही नहीं अगर आप हरियाणा, यूपी या भारत के किसी अन्य राज्य से भी कार लेकर दिल्ली आते हैं तो आपको इस नियम का पालन करना होगा। कार में सफर कर रही अकेली महिला या फिर स्कूली बच्चे के साथ जा रही महिला को ऑड ईवन नियम से छूट मिलेगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक कारों पर भी ऑड इवन नियम लागू नहीं होगा। दिल्ली सरकार ने दोपहिया वाहनों को भी इस नियम से छूट दी है। इसके अलावा रविवार 10 नवंबर को भी ये नियम लागू नहीं होगा। यानी कि इस दिन ऑड और इवन दोनों नंबर की गाड़ियां चल सकेंगी। ये नियम सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ही लागू रहेगा। नियम का उल्लंघन करने पर भरना होगा 4000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा।
500 अतिरिक्त बसें दौड़ेंगीं, ज्यादा चार्ज नहीं कर सकेंगीं ओला-उबरयात्रियों को ऑड-इवन स्कीम के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए दिल्ली सरकार ने 500 एक्स्ट्रा बसों की व्यवस्था की है। ये बसें अलग-अलग रुटों पर चलेंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा सवारियों को इसका फायदा पहुंच सके।
वही राजधानी में एप के जरिए कार मुहैया कराने वाली कंपनियों में शामिल ओला-उबर कई बार पीक आवर में ज्यादा डिमांड का फायदा उठाती हैं और सवारियों से ज्यादा किराया चार्ज करती हैं, बिजनेस की भाषा में इसे सर्ज प्राइसिंग कहते हैं। लेकिन ऑड इवन सिस्टम के दौरान ये कंपनियां आपसे ज्यादा किराया चार्ज नहीं कर पाएंगी। दिल्ली सरकार ने इन कंपनियों से पहले ही इस बावत बात कर ली है।
बता दे, दिल्ली में आज सोमवार को भी प्रदूषण खतरनाक स्तर पर बना है।दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स सुबह 7 बजे 708 रिकॉर्ड किया गया है। बता दें कि एयर क्वालिटी इंडेक्स में 50 तक का आंकड़ा ही सांस लेने के लिए शुद्ध हवा मानी जाती है। वर्तमान में दिल्ली में हवा में प्रदूषण की मात्रा 924 तक पहुंच गई है। दिल्ली के अपेक्षाकृत स्वच्छ माने जाने वाले इलाकों जैसे कि चाणक्यपुरी में अमेरिकी दूतावास के पास ये आंकड़ा 478 है। जवाहर लाल नेहरु स्टेडियम के पास AQI को 418 रिकॉर्ड किया गया है। अगर दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग जगहों की बात करें तो हालात और भी खतरनाक दिखते हैं। वजीरपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 919, आनंद विहार में 924, नोएडा सेक्टर -62 में 751, वसुंधरा में 696 रिकॉर्ड किया गया है।दिल्ली के आईटीआई शहदरा में ये आंकड़ा 897, पटपड़गंज में 622 रिकॉर्ड किया गया है।
इससे पहले रविवार को प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तथा उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति पर रविवार को उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये शामिल हुए। बैठक में फैसला लिया गया कि कैबिनेट सचिव इन राज्यों के हालात की प्रतिदिन निगरानी करेंगे। इन राज्यों के मुख्य सचिवों को विभिन्न जिलों में प्रदूषण के हालात पर 24 घंटों, सातों दिन नजर रखने को कहा गया है।