अजमेर : नगर निगम ने लागू की मुखबिर योजना, प्लास्टिक स्टाॅक पकड़वाने पर मिलेगा 5 हजार रुपए का नकद पुरस्कार

पुलिस और प्रशासन द्वारा सुशासन और अवैध कार्यों कर रोक लगाने के लिए मुखबिर की जरूरत होती हैं ताकि आम जानकारियों का पता चल सकें। इसके लिए अजमेर में मुखबिर योजना लागू की गई हैं जिसके तहत प्लास्टिक स्टाॅक पकड़वाने पर मुखबिर को 5 हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पुलिस की तरह ही निगम के कार्याे में सहयोग करने वाले लाेगाें का नाम व पते पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा। गत दिनों निगम में अधिकारियों की हुई बैठक में इस पर निर्णय लिया गया।

प्लास्टिक पर रहेगा फाेकस

बैठक में सामने आया कि पिछले कुछ समय से शहर में प्लास्टिक का उपयोग काफी बढ़ गया है। निगम के अधिकारी प्लास्टिक पर कार्रवाई कर रहे हैं, बावजूद इसके धड़ल्ले से शहर में प्लास्टिक की थैलियां बिक रही हैं। निगम अब इन पर अंकुश लगाने के लिए आमजन का सहयोग मांगने जा रही है। निगम आयुक्त डाॅ. खुशाल यादव ने बताया कि किसी क्षेत्र में यदि प्लास्टिक के गोदाम संचालित हाे रहे हाें, कहीं लाेगाें ने अवैध रूप से प्लास्टिक का स्टाॅक कर रखा है ताे वह सीधे निगम कार्यालय आकर उनसे, उपायुक्त गजेंद्र सिंह रलावता, देविका ताेमर या स्वास्थ्य निरीक्षक रूपा राम चौधरी से सीधे संपर्क कर सकते हैं।

प्लास्टिक का गोदाम पकड़े जाने के बाद मुखबिरी करने वाले काे 5 हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। इस योजना में निगम के अधिकारी भी भाग ले सकेंगे। दूसरी जानकारी भी दे सकते हैं | निगम अधिकारियों ने बताया कि प्लास्टिक के अलावा यदि किसी क्षेत्र में नियम विरुद्ध काेई कार्य चल रहा है ताे उसकी जानकारी भी निगम कार्यालय काे दे सकते हैं।