राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी के बीच अब मौसम में बदलाव के संकेत दिखाई देने लगे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में एक के बाद एक दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाले हैं, जिनका प्रभाव जल्द ही देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि अगले 24 घंटों के भीतर मौसम करवट लेना शुरू कर देगा और कई इलाकों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश की गतिविधियां भी दर्ज की जा सकती हैं। फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में गर्म हवाओं का असर बना हुआ है और तापमान लगातार सामान्य से ऊपर चल रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान में मार्च के महीने में ही तेज गर्मी और हीट वेव जैसी स्थितियां बनने का नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है।
इन दिनों राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है। कई जगहों पर तापमान सामान्य से चार से नौ डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक जल्द सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवाओं की दिशा में बदलाव होगा, जिसके चलते तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है। अनुमान है कि अगले एक दिन के भीतर अधिकतम तापमान में लगभग 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक कमी देखने को मिलेगी।
मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार 14 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जाने लगेगा। इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ मेघगर्जन और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। 15 मार्च को इसका असर और ज्यादा व्यापक हो सकता है। अजमेर संभाग, भरतपुर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र और कोटा संभाग के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवाओं की गति लगभग 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग का मानना है कि 14 और 15 मार्च को आंधी और हल्की बारिश के कारण तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके साथ ही 12 मार्च से ही हीट वेव जैसी स्थिति से धीरे-धीरे राहत मिलने की शुरुआत हो सकती है। इसके अलावा मौसम वैज्ञानिकों ने संकेत दिए हैं कि 18, 19 और 20 मार्च के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से पूरे सप्ताह बादल छाए रहने, मेघगर्जन और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है।
लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण अगले सप्ताह हीट वेव का खतरा काफी कम हो सकता है। अनुमान है कि तापमान वर्तमान स्तर से तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। इस बदलाव से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो सकता है और दिन के तापमान में कमी महसूस की जा सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले पांच से दस वर्षों के दौरान राजस्थान के मौसम पैटर्न में स्पष्ट बदलाव देखने को मिला है। अब फरवरी के अंत से ही तापमान तेजी से बढ़ने लगता है और मार्च में ही हीट वेव जैसी स्थिति बनने लगती है। उदाहरण के तौर पर वर्ष 2022 में केवल मार्च महीने के दौरान ही बाड़मेर में 14 से 15 हीट वेव दिन दर्ज किए गए थे। इससे स्पष्ट होता है कि गर्मी का प्रभाव अब पहले की तुलना में जल्दी शुरू होने लगा है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो हाल के दिनों में पड़ रही भीषण गर्मी के बाद अब मौसम में बदलाव की उम्मीद की जा रही है। लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य में बादल, तेज हवाएं और हल्की बारिश की संभावना बढ़ेगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को फिलहाल हीट वेव से राहत मिल सकती है।