मध्य प्रदेश की रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी गुमान सिंह डामोर ने एक चुनावी मीटिंग के दौरान मोहम्मद अली जिन्ना को एक एडवोकेट और विद्वान व्यक्ति बताया। स्वतंत्रता के बाद देश के बंटवारे का ठीकरा कांग्रेस पर मढ़ते हुए डामोर ने कहा अगर पंडित जवाहर लाल नेहरू ने प्रधानमंत्री बनने की जिद्द न की होती तो बंटवारा नहीं होता। डामोर का बयान एक ऐसे समय पर आया है, जब बीजेपी इस लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय सुरक्षा और पाकिस्तान को मुद्दा बनाए हुए है, तब बीजेपी प्रत्याशी का यह बयान राजनीतिक गलियारे में तूफान ला सकता है।
इस वक्त लोकसभा के पांच चरण के चुनाव हो चुके हैं। रविवार(12 मई) को छठें चरण का मतदान होना है। जबकि आखिरी चरण का मतदान 19 मई को होना है। वहीं लोकसभा चुनाव के नतीजे 23 मई को आएंगे। शत्रुघ्न सिन्हा भी कर चुके हैं जिन्ना की तारीफ
इस लोकसभा चुनाव के मौसम में कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा भी जिन्ना की तारीफ कर चुके हैं। विवाद होने पर उन्हें बाद में सफाई भी देनी पड़ी। बिहार के पटना साहिब सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे शत्रुघ्न सिन्हा ने मोहम्मद अली जिन्ना को कांग्रेस परिवार का हिस्सा बताने वाले बयान पर कहा है कि उनकी जुबान फिसल गई थी। सिन्हा ने कहा कि वह मौलाना आजाद कहना चाहते थे लेकिन वह मोहम्मद अली जिन्ना कह गए।