BJP-शिवसेना गठबंधन पर कांग्रेस ने ली चुटकी, दिलाई पुराने बयानों की याद

महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिवसेना के गठबंधन की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई। महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में शिवसेना 23 और बीजेपी 25 सीटों पर लड़ेगी। बीजेपी-शिवसेना के बीच गठबंधन के एलान के तुरंत बाद कांग्रेस ने तंज कसा है। कांग्रेस ने ट्वीट में मोदी सरकार के खिलाफ शिवसेना के बयान वाली खबर को साझा करते हुए कहा कि ''शिवसेना ने मोदी सरकार की कई बार आलोचना की है। यही नहीं आज भी शिवसेना ने बीजेपी को घेरा। यह है गठबंधन पर बीजेपी का विचार।'' कांग्रेस ने जिस खबर की हेडलाइन साझा की है उसमें शिवसेना राफेल डील, बेरोजगारी, पुलवामा हमला को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साध रही है। ध्यान रहे कि शिवसेना महाराष्ट्र और केंद्र में बीजेपी की सरकार में सहयोगी रहने के बावजूद हमला बोलती रही है। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को साझा प्रेस कांफ्रेंस कर गठबंधन की घोषणा की। इस मौके पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ''बीजेपी शिवसेना के करोड़ों कार्यकर्ताओं की मन की बात पूरी हो गई है। सभी चाहते थे कि बीजेपी और शिवसेना साथ चुनाव लड़े। उद्धव ठाकरे से विस्तृत चर्चा के बाद गठबंधन पर फैसला लिया गया। शिवसेना और अकाली दल ने हर मौकों पर बीजेपी का साथ दिया है। इसी टेबल पर आज मनमुटाव खत्म हो चुका है।'' उन्होंने कहा कि हम सूबे के 48 सीटों में से 45 सीटों पर चुनाव जीतेंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव दोनों पार्टियां कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगी और जीतेंगी। उद्धव ठाकरे से जो भी मनमुटाव था वो खत्म हो चुका है।

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की स्थित भी साफ कर दी। उन्होंने कहा कि 'प्रदेश में हमारे जो मित्र हैं उनकी सीटें छोड़कर बीजेपी और शिवसेना आधी-आधी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।'

बता दे, 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और शिवसेना साथ चुनाव लड़ी थी और बीजेपी 23 और शिवसेना 18 सीट जीतने में कामयाब रही थी। शिवसेना ने 20 और बीजेपी ने 24 सीटों पर हाथ आजमाया था।दोनों दलों ने अक्टूबर 2014 में महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव अलग-अलग लड़ा और चुनाव के बाद सरकार बनाने के लिए साथ आ गए। केंद्र और राज्य सरकार में भागीदार होने के बावजूद बीजेपी और शिवसेना के बीच तल्खी भरे संबंध रहे।