भरतपुर : आखिरकार 5 साल बाद मिला 8 वर्षीय बच्ची को न्याय, दुष्कर्मी अधेड़ कि मिली उम्रकैद की सजा

आठ वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले 55 वर्षीय अधेड़ को पोक्सो कोर्ट संख्या 2 के जज गजेंद्र पाल मोघा ने आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख आठ हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। दोषी को पहले भी हत्या के मामले में सजा हुई थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने बरी कर दिया था। इसके आठ महीने बाद ही उसने इस वारदात को अंजाम दिया था।
विशेष लोक अभियोजक महाराज सिंह सिनसिनवार के अनुसार सितंबर 2015 में रात को सेवर चौराहे पर एक खोखे में परिजनों के साथ आठ वर्षीय बालिका सो रही थी। अगले दिन सुबह बालिका की वमनपुरा पुलिया के नीचे लाश मिली थी। पुलिस ने इस मामले में राजन सिंह को गिरफ्तार किया था।पोस्टमार्टम में बच्ची के गुप्तांग में सीमन नहीं मिला। इस पर जज ने फैसले में लिखा कि मृतका के कपड़े, अभियुक्त के बनियान और पाजामे पर एक ही ब्लड ग्रुप का खून पाया गय है। मृतका और अभियुक्त के कपड़ों पर सीमन मिला। गुप्तांग में दुष्कर्म की चोटें पाई गई। इसलिए दुष्कर्म किया जाना साबित होता है।